सरयू राय : हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल में नहीं होंगे शामिल

रांची. जमशेदपुर (पूर्वी) से मूख्यमंत्री रघुवर दास को हराकर निर्दलीय विधायक चुने गये सरयू राय ने साफ तौर पर कहा कि वे हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल में वे शामिल नहीं होंगे. हालांकि उन्होने यह भी कहा कि वे सरकार का समर्थन जरूर करेगें.

जमशेदपुर में अपने आवास पर उन्होने हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होने के पूछे गए एक सवाल के जबाब में कहा कि इस प्रकार की बातों में कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने कहा कि वे हेमंत सोरेन सरकार के साथ नहीं रहकर तटस्थ रहेंगे और गुण दोष के आधार पर सरकार का समर्थन करेंगे. उन्होने साफ तौर पर कहा कि हेमंत सोरेन द्वारा मंत्रिमंडल के सबंध में हमें कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है. न ही मंत्रिमंडल में मेरे शामिल होने की बात में कोई सच्चाई है.

संगठन बना कर करेंगे जनता की सेवा

भाजपा में लौटने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे किसी भी हालात में भाजपा मे नहीं जाएंगे. उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा है और निर्दलीय ही रह कर जनता की सेवा करेंगे. जनता की समस्या और समाधान के लिए विश्वसनीय लोगों की टीम बना कर एक संगठन जरूर खड़ा करेगें. जिस संगठन मे नीचे से ऊपर तक जिम्मेदार पदाधिकारी होंगे. ताकि जनता की जमीनी स्तर की समस्याओं का समाधान हो सके. इसलिए छोटा संगठन होना जरूरी है, क्योकि बिना संगठन के व्यक्तियों के आधार पर काम चल नहीं सकता है.

उन्होंने कहा कि हमारे साथ कई व्यक्ति हैं. उन सभी लोगों का एक समूह बने, ताकि एक विश्वसनीय टीम बन सके. वही टीम शासन–प्रशासन तक जनता की समस्या को पहुंचाएगी और उनका समाधान करवाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से मेरे पास कोई फोन नहीं आया है. इसमें कोई सच्चाई नहीं है, यह महज अफवाह है.

86 बस्तियों के मालिकाना हक की लड़ेंगे लड़ाई

सरयू राय ने कहा कि मेरा पहला और आखिरी मुद्दा रहेगा यहां की 86 बस्तियों का मालिकाना हक दिलवाना और यहां के उद्योगों मे प्रबंधन और यूनियनों के बीच हो रही समस्या का समाधान करवाना. इसके लिए मैं पहल भी करूंगा. यह मेरी पहली प्राथमिकता है.