कोरोना से डरना नहीं,बल्कि सावधान रहना है : सीएमडी

कोरोना से डरना नहीं,बल्कि सावधान रहना है : सीएमडी-Panchayat Times

रांंची. सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के सीएमडी गोपाल सिंह ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए देशभर में 21 दिनों के लिए पूर्णतया तालाबंदी (lock down) के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा को सराहना करते हुए कहा कि इसे रोकने एवं बचाव के लिए कई प्रकार की आवश्यक कार्रवाई कंपनी स्तर पर की गई है.

उन्होंने माननीय केंद्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी का आभार व्यक्त और कहा कि कोविद -19 के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष में एक महीने का वेतन देने से हम सभी कोयला परिवार के सभी लोगों प्रोत्साहित है.

सीएमडी ने कहा कि किसी को अनावश्यक रूप से घबराना नहीं चाहिए, सभी निवारक उपाय पालन करने को सलाह दिए. उन्होंने आगे कहा कि किसी को खांसी या छींकने वाले लोगों के बीच सामाजिक दूरी बनाए रखनी चाहिए. क्योंकि वह अपने नाक या मुंह से छोटी तरल बूंदें छिड़कते हैं. जिनमें वायरस हो सकता है. उन्होंने सभी को कोविद -19 के खिलाफ खुद को बचाने के लिए सरकार की बातें का पालन करने की सलाह दी. सिंह ने कहा कि कोरोना से डरना नहीं, बल्कि सावधान रहना है. यदि किसी में कोरोना के लक्षण हो तो उसका दायित्व है की वो अपने परिवार व समाज को संक्रमण से बचाए. सीसीएल हेल्पलाइन नंबर जारी की है 0651-2365999/998, जिससे सीसीएल चिकित्सकों से कोविद -19 संबंधित सहायता प्राप्त कर सकते हैं. सीएमडी श्री गोपाल सिंह ने सभी को घर में रहने का आग्रह किया.

कोरोना से डरना नहीं,बल्कि सावधान रहना है : सीएमडी-Panchayat Times

सीएमडी के मार्गदर्शन में सीसीएल ने कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने और कोविंद -19 से उत्पन्न होने वाली आपात स्थितियों से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं. कुल मिलाकर चार केंद्रीय अस्पतालों- गांधीनगर अस्पताल, रांची (10), रामगढ़ अस्पताल (10), डकरा अस्पताल (08) और धोरी अस्पताल (10) में 38 quarantine सुरक्षित वार्ड बनाए गए हैं. कोगांधीनगर सेंट्रल हॉस्पिटल में कोरोना पॉजिटिव केस के लिए वेंटिलेटर सपोर्ट सहित सहित इंटेंसिव केयर यूनिट बनाई गई है.

सीसीएल राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकता की पूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है और कोरोना से अपने कर्मी एवं स्टेकहोल्डर्स को सुविधा प्रदान करने में प्रतिबंध है. झारखंड में कोरोना महामारी के संकट आने पर चार केंद्रीय अस्पतालों और एक क्षेत्रीय अस्पताल, करगली की मौजूदा बेड क्षमता को कोरोना आइसोलेशन बेड में परिवर्तित किया जाएगा. इसकी कूल संख्या लगभग 140 आइसोलेशन बेड होगा।

कोरोना महामारी का मुकाबला करने के लिए लगभग 80 लाख की चिकित्सा वस्तुओं की खरीद के लिए आदेश दिया जा रहा है. इसके अलावा, लगभग 8 लाख की आवश्यक दवाएं की खरीद की प्रक्रिया प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र से किया जा रहा है. चार वेंटिलेटर खरीद के लिए आदेश दिया जा चूका है और चंडीगढ़ से शीघ्र डिलीवरी में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है. गांधीनगर अस्पताल के लिए एक वेंटीलेटर स्थानीय बाजार से क्रय किया जा रहा है. सभी चार केंद्रीय अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के लिए एक एक एम्बुलेंस काी व्यवस्था की जा रही है. जिससे संक्रमित मरीज को रिम्स लाया जा सके.

सीसीएल भी अपने कोरोना वार्ड और महामारी नियंत्रण कार्यक्रम के लिए प्रतिनियुक्त डॉक्टरों और अन्य संबंधित स्टाफ को संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण प्रथाओं के लिए विभागीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है. वेंटिलेटर प्रशिक्षण के लिए एनेस्थेटिस्ट और सीसीयू डॉक्टरों को रिम्स, रांची भेजा जा रहा है.
स्वास्थ्य संबंधित कर्मियो के बीच सैनिटाइज़र, फेस मास्क, हैंड ग्लव्स, हैंड वाश आदि वितरण किया जा रहा है. सभी अस्पतालों और आसपास की कॉलोनियों का एक प्रतिशत सोडियम hypochlorite के साथ छिड़काव किया जा रहा है. रांची और सी सी एल के कमांड क्षेत्रों में लोगों को कोरोनो वायरस के बारे में शिक्षित और जागरूक के लिए होर्डिंग्स प्रदर्शित किया गया है.