PMJAY के तहत अब आप भी खोल सकते हैं अपनी दवाई की दुकान

PMJAY के तहत अब आप भी खोल सकते हैं अपनी दवाई दुकान-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

नई दिल्ली/ रांची. आजकल के महंगाई के दौर में अगर किसी मध्यवर्गीय परिवार में अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे इलाज और दवाई लेने में ही इंसान परेशान हो जाता है. इसी समस्या को देखते हुए प्रधानमंत्री ‪नरेन्द्र मोदी ने 1 जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री जन-औषधि योजना की घोषणा की. इस योजना से सरकार द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली जैनरिक दवाईयों के दाम बाजार मूल्य से कम किए जा रहें है. सरकार द्वारा ‘जन औषधि स्टोर’ बनाए गए हैं, जहां जेनरिक दवाईयां उपलब्ध करवाई जा रही है.

कौन खोल सकता है पीएमजेएवाई के तहत दुकान

कोई भी व्यक्ति या कारोबारी, अस्पताल, गैर सरकारी संगठन, फार्मासिस्ट, डॉक्टर, और मेडिकल प्रैक्टिशनर पीएमजेएवाई के तहत औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन कर सकता है.

पीएमजेएवाई के तहत एसी, एसटी और दिव्यांग आवेदकों को औषधि केंद्र खोलने के लिए 50,000 रुपये मूल्य तक की दवा एडवांस में दी जाती है.

पीएमजेएवाई में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के नाम से दवा की दुकान खोली जा सकती है.

पीएमजेएवाई होने चाहिए ये सभी कागजात

अगर आप खुद आवेदन कर रहे हैं तो अपने आधार एवं पैन कार्ड की जरूरत होगी. अगर कोई गैर सरकारी संगठन (एनजीओ), फार्मासिस्ट, डॉक्टर, और मेडिकल प्रैक्टिशनर जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन करता है तो उसे आधार, पैन, संस्था बनाने का सर्टिफिकेट एवं उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देना होगा. पीएमजेएवाई के तहत औषधि केंद्र खोलने के लिए आपके पास कम से कम 120 वर्गफीट की जगह होनी चाहिए.

पीएमजेएवाई में  क्या लाभ मिलेंगे?

दवा की प्रिंट कीमत पर 20% तक का मुनाफा

दो लाख रुपये तक की सीधे वित्तीय मदद

पीएमजेएवाई के तहत खोले गए जन औषधि केंद्र को 12 महीने की बिक्री का 10% अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जायेगा. यह रकम हालांकि अधिकतम 10000 रुपये हर महीने होगी.

उत्तर पूर्वी राज्य, नक्स्ल प्रभावित इलाके, आदिवासी क्षेत्रों में यह इंसेंटिव 15% हो सकती है. यहां भी रुपये के संदर्भ में यह रकम अधिकतम 15000 रुपये हो सकती है.

इस योजना में आम नागरिकों को बाजार से 60 से 70 फीसदी कम कीमत पर दवाइयां मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार जल्द ही देशभर में 1000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खोलेगी.