नूरपुर बस हादसा: “स्मारक नहीं साहब बस सीबीआई जांंच करवा दो”

देहरा (कांगड़ा). सोमवार को नूरपुर स्कूल बस हादसे में अपने बच्चों को खोने वाले मां-बाप सड़क पर ही नाक रगड़ना शुरू कर देते हैं. डीसी की दहलीज तक नाक रगड़ते-रगड़ते पहुंचे. यह तमाम माता-पिता सड़क और डीसी ऑफिस के गलियारों में जब नाक रगड़ते और जमीन पर घिसटते हुए पहुंचे तो ऐसा लगा मानों व्यवस्था जमीन पर धूल चाट रही हो. कोई जोर से रोए जा रहा था कोई हिचकियां ले-ले कर सुबक रहा था. इन्हें जो देख रहे थे वह भी भावुक हुए बिना नहीं रह पा रहे थे. बच्चों के मां-बाप की मांग है कि सरकार सीबीआई जांच करवाए तभी बच्चों को न्याय मिलेगा.

इनके हाथों में आज अपने बच्चों की उंगलियां नहीं थीं, बल्कि उनकी फोटो थीं. डीसी साहब के पास मिट्टी से सने कपड़ों में पहुंचे तो इन्होंने अपने बदन की मिट्टी नहीं झाड़ी, अलबत्ता सिस्टम पर जमी धूल को साफ करने के लिए गुहार लगाई सीबीआई जांच की मांग की. जवाब में डीसी साहब ने जिला स्तर पर पूरी हो सकने वाली मांग को पूरा करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह उनके गम में शामिल हैं.

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डीसी साहब का बस इतना बोलना था कि सुबक-सुबक कर रो रहीं एक मां के धैर्य का बांध टूट गया. बोलीं,”साहब,बस यह मत बोलना कि आप हमारे गम में शामिल हैं. यह अफसरों का तकिया कलाम बन गया है. झेलते हम हैं, तड़पते हम हैं… आपके अफसर गाड़ी में बैठते ही हर गम को भूल जाते हैं और हम अकेले सब झेलते हैं…”

इसी तरह जब डीसी ने सरकार के उस ऐलान का जिक्र किया जिसमें बच्चों की याद में स्मारक बंनाने की बात हुई थी, दोबारा सभी माताओं ने सिस्टम को आइना दिखा दिया. सब एक साथ बोलीं, “आप स्मारक रहने दीजिए, हमारे बच्चों के स्मारक हमारे दिलों में उम्र भर के लिए बन गए हैं. बस न्याय दिलवा दो, सीबीआई जांच का यह मांगपत्र ऊपर तक पहुंचा दो, यही बहुत है….”