शिमला. 9 नवम्बर को होने वाले हिमाचल विधानसभा चुनावों के लिए तैनात कर्मचारी अपने घरों से ड्यूटी के लिए निकल चुके हैं. सभी जिलों में उपयुक्त कार्यालयों से रेंडमाइजेशन आधार पर ड्यूटियां लगाई जा रही हैं ताकि किसी तरह की दिक्कत न आये. घरों से चुनाव के लिए निकले यह कर्मचारी अब 10 नवम्बर को ही अपने परिवार से मिल पाएंगे.
राज्य निर्वाचन आयुक्त पुष्पेंद्र राजपूत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया में कुल 37,605 कर्मचारी तैनात किए गए हैं. इनमे से कुल 37,574 सर्विस वोटरों को एलेक्ट्रॉनिकल पोस्टल बैलेट भेजे गए हैं.
दूरस्थ पोलिंग बूथ पर सुविधाएं नहीं
अपने घरों से दूर पोलिंग स्टेशनों में कर्मचारियों को तमाम दिक्कतें उठानी पड़ती हैं. इन्हें किसी स्कूल या सरकारी भवन के कमरों में रात बितानी होगी. तो मेस या ढाबों में भोजन करना होगा. कई स्थानों पर तो ऐसी सुविधा न होने के चलते ग्रामीणों के घरों में ही ठहरने और खाने का इंतजाम करना होता है. 24 ऐसे पोलिंग स्टेशन भी हैं जहां पहुंचने के लिए 5 किलोमीटर से अधिक पैदल चलना होगा.
17 हजार जवान और 65 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स
निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सम्पन्न करवाने के लिए पुलिस के 11 हजार जवान और 6 हजार होमगार्ड के जवान तैनात किए गये हैं. इनमें होमगार्ड के एक हजार जवान उत्तराखंड से आएंगे. इसके अलावा 65 कंपनियां पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान भी तैनात होंगे. कोशिश की जा रही है कि सभी सर्विस वोटर वोट दे सकें.
136 पोलिंग बूथ महिलाओं तो 5 बूथ दिव्यांगों के हवाले
136 पोलिंग स्टेशन में सिर्फ महिलाओं का ही पूरा स्टाफ तैनात होगा. तो 5 ऐसे स्टेशन भी हैं जहां दिव्यांग स्टाफ ही तैनात होंगे. हिमाचल प्रदेश विधानसभा के इन चुनावों में कुल 319 पुरुष और 17 महिला प्रत्याशी 68 सीटों के लिए मैदान में है. इनमे से आज बड़सर से लोजपा प्रत्याशी की मौत होजाने के बाद एक पुरुष प्रत्याशी कम हो गया है. 9 नवम्बर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा जबकि 18 दिसम्बर को मतगणना के साथ ही नतीजे घोषित किए जाएंगे.