पुरानी जलापूर्ति योजनाओं की होगी रि-माॅडलिंग, बन रहा है 898 करोड़ का प्रोजेक्ट

शिमला. सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, बागवानी व सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में बहुत पुरानी हो चुकी जलापूर्ति योजनाओं की रि-माॅडलिंग के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 898 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट को तैयार होने के बाद केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. महेन्द्र सिंह ठाकुर गुरुवार को जिला शिमला में सूखे की स्थिति व अन्य विकासात्मक कार्यों के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे.

महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में 1970 और 1980 के दशक में कार्यान्वित की गई वह जल आपूर्ति योजनाएं शामिल की जाएंगी, जिनकी मशीनरी संतोषजनक नहीं हैं. मौके पर सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री ने सभी विभागों के विकास कार्यों का ब्योरा लिया और सभी विकास कार्य तय समय अवधि के भीतर पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए.

उन्होंने सभी खंड विकास कार्यालयों में विकास कार्यों के लिए बचे राशि का शीघ्र उपयोग करने के लिए निर्देश दिए, ताकि उनका लाभ आम आदमी को सुनिश्चित किया जा सके.

 

उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार ने ऐसे वरिष्ठ नागरिकों, जिन्हें कोई अन्य पेंशन प्राप्त न हो रही हो, की वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा को बिना किसी आय सीमा के 80 से घटाकर 70 वर्ष किया गया है. उन्होंने इस योजना के तहत जिला में लाभार्थियों का ब्योरा मांगा तथा विभाग की ओर से इस योजना को कार्यान्वित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली.

सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री ने जिला में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की सभी पेयजल योजनाओं का ब्योरा लिया तथा उन सभी योजनाओं को सुचारू करने के लिए जरूरी निर्देश दिए, जहां सूखे की स्थिति के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है या आगामी दिनों में सूखे के कारण समुचित पेयजल की आपूर्ति में किसी तरह की समस्या हो सकती है.

उन्होंने अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति योजनाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए मशीनरी तथा पाईपें इत्यादि स्थापित करने तथा वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने नगर निगम शिमला क्षेत्र में भी समुचित पेयजल आपूर्ति के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी, सड़क व अन्य निर्माण कार्यों से पहले डंपिंग साईट चिन्हित करने और अवैध डंपिंग पर सख्त कार्रवाई भी की जाए. नेशनल हाईवे के लिए डीपीआर बनाने के कार्य की पूरी निगरानी की जाए और यह सभी कार्य समयबद्ध करने के लिए व्यवस्था निश्चित की जाए.

उन्होंने लोक निर्माण विभाग व अन्य विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वह विभिन्न निर्माण कार्यों और अन्य सभी परिस्थितियों के दौरान साईट का निरीक्षण करना सुनिश्चित करें तथा आबंटित धनराशि का सदुपयोग भी तय समय अवधि के भीतर किया जाए.

महेंद्र सिंह ठाकुर ने बागवानी, विभाग के अधिकारियों को, बागवानों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न दवाईयों को भी तय समय के भीतर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए, ताकि बागवानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा धर्मिला हरनोट, उप महापौर नगर निगम शिमला राकेश शर्मा, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, पंचायत समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, जिला परिषद सदस्य, पुलिस अधीक्षक ओमापति जमवाल, एडीएम प्रोटोकाॅल  जीसी नेगी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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