ताजपोशी की सालगिरह पर राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ का तोहफा

ताजपोशी की सालगिरह पर राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ का तोहफा

रायपुर. पिछले 15 साल से छत्तीसगढ़ में सत्ता का वनवास झेल रही कांग्रेस को इस बार के चुनाव में जबर्दस्त जीत मिली है. छत्तीसगढ़ में एंटी इंकंबेंसी फैक्टर काम करता दिखाई दिया.अब तक आए रुझानों के मुताबिक कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से कहीं आगे निकल चुकी है.

चुनाव आयोग की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 61 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं बीजेपी मात्र 14 सीटों तक सिमट गई है. राज्य में किंगमेकर का सपना देख रहे पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ अपनी सहयोगी बीएसपी के साथ 5 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं गोंडवना गणतंत्र पार्टी एक सीटों पर आगे है.

अब इसे महज संयोग ही कहेंगे कि, जिस तारीख को राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष निर्वाचित किए गए थे, उसी दिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनती दिखाई दे रही है. 11 दिसंबर 2017 को राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था. इसे देखते हुए यह कह सकते हैं कि अध्यक्ष बनने की सालगिरह पर छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस के हाथ में सत्ता की चाबी सौंपकर राहुल गांधी को तोहफा दिया है.

बता दें कि गांधी ने छत्तीसगढ़ में पार्टी को मजबूत करने में खासी मेहनत की थी. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ में 30 से ज्यादा सभाओं को संबोधित किया था और कई रैलियां की थीं. ऐसे में छत्तीसगढ़ से आ रहे रुझानों में भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ होता दिख रहा है.

2003 से राज्य में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी को इस बार राज्य में एंटी इन्केंबंसी का सामना करना पड़ा. चुनाव से पहले ही रमन सिंह के खिलाफ माहौल दिख रहा था, जिसका रुख एग्जिट पोल ने भी दिखाया था. हालांकि, किसी को भी ये उम्मीद नहीं थी कि बीजेपी के गढ़ कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में रमन सिंह का इस तरह सूपड़ा साफ होगा.

रमन सिंह भले ही राज्य में चावल वाले बाबा के नाम से मशहूर हों, लेकिन किसानों की नाराजगी उन पर इस बार भारी पड़ी है. किसानों के बीच रमन सिंह सरकार के खिलाफ गुस्सा वोटों में निकल कर आया. किसान लगातार फसलों के दाम को लेकर बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन करता आया है, जिसका जबर्दस्त नुकसान चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उठाना पड़ा.

राज्य में किसान रमन सिंह की सरकार से नाराज था. इसका फायदा कांग्रेस ने पूरी तरह उठाया. कांग्रेस के घोषणापत्र में किया गया किसानों की कर्जमाफी के वायदे ने मास्टरस्ट्रोक की तरह काम किया. यही कारण रहा है कि पूरे राज्य में कांग्रेस लहर दिखी.