बजट सत्र: नेता प्रतिपक्ष को मान्यता नहीं देने के कारण पांचवें दिन भी हंगामा

बजट सत्र: नेता प्रतिपक्ष को मान्यता नहीं देने के कारण पांचवें दिन भी हंगामा-Panchayat Times

रांची. विधानसभा बजट सत्र के पांचवें दिन भी गुरुवार को सदन कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. भाजपा विधायकों ने कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी द्वारा बुधवार को सदन के बाहर दिए गए बयान पर हंगामा किया .इरफान ने बुधवार को कहा था कि ‘भाजपा विधायक सदन में कुत्ते की तरह भौंक रहे.’ भाजपा विधायकों के हंगामे के बाद स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. सदन में नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर भी भाजपा के विधायक अड़े हुए हैं. विपक्षी विधायकों का कहना है कि जबतक बाबूलाल मरांडी को प्रतिपक्ष के नेता की मान्यता नहीं दी जाएगी, सदन नहीं चलने दिया जाएगा.

इरफान की विधायकी खत्म हो, कांग्रेस माफी मांगे : भाजपा

सदन में इरफान अंसारी के बयान पर भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, भानु प्रताप शाही समेत अन्य विधायकों ने स्पीकर से इरफान अंसारी की सदस्यता रद्द करने की मांग की. उन्होंने कहा कि पिछले सत्र के दौरान भी आपने इरफान अंसारी से माफी मांगने को कहा था लेकिन उन्होंने अड़ियल रवैया अपनाते हुए माफी मांगने से इनकार कर दिया था. उधर, भाजपा विधायकों की मांग पर पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि इरफान ने सदन के बाहर जो कुछ कहा है उस पर सदन में बहस नहीं हो सकती. इसके लिए कोर्ट समेत तमाम रास्ते हैं, विपक्ष के विधायक उसे अपनाएं.

इरफान अंसारी ने क्या कहा था…

बुधवार को सदन के अंदर मरांडी काे प्रतिपक्ष के नेता की मान्यता काे लेकर विपक्ष के विधायक हंगामा कर रहे थे. विपक्षी विधायकों के हंगामे के बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया था. उस दौरान सदन के बाहर कांग्रेस के विधायक डाॅ. इरफान अंसारी ने कहा कि सदन में विपक्ष का आचरण ठीक नहीं था. विपक्ष के लाेग आसन के सामने जाकर कुत्ते की तरह भाैंक रहे थे. यह ओछी हरकत है. विपक्ष जानबूझकर सदन काे बाधित कर रहा है. आदिवासी सीएम काे परेशान किया जा रहा है. श्वेत पत्र फाड़ा गया है.

वहीं, विपक्ष के हंगामे की वजह से बुधवार काे भी सदन का कामकाज बाधित रहा. प्रश्नकाल नहीं हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के विधायकों ने प्रतिपक्ष के नेता पद की मान्यता के मामले को लेकर जमकर हंगामा किया. भाजपा विधायक वेल में घुसे और स्पीकर महाेदय न्याय दो, न्याय दो, वी वांट जस्टिस, हर जाेर जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है जैसे नारे लगाए.इसी क्रम में पूर्व मंत्री रणधीर सिंह हाथ में तख्ती लेकर आये.

मार्शल ने उनसे जब छीनना चाहा तो वे इधर-उधर दौड़ने लगे. इतना ही नहीं सभा सचिव के टेबुल को भी जोर-जोर से पीटा गया. इससे स्पीकर का तेवर सख्त हाे गए. तब उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि मर्यादा में रहकर विरोध करें. स्पीकर ने कई बार अनुरोध किया कि प्रश्नकाल चलने दें। आपका भी महत्वपूर्ण सवाल है। हालांकि स्पीकर की बातों का विपक्ष पर कोई असर नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही दाे बार स्थगित करनी पड़ी. हंगामा के चलते पहली बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद जैसे दूसरी बार भी कार्यवाही शुरू हुई फिर से विपक्ष का हंगामा शुरू हाे गया। तब दाेपहर 2 बजे तक सदन स्थगित किया गया.

विपक्षी दल ने लगाया आरोप पूर्वाग्रह से चल रही सरकार

बुधवार को भोजनावकाश के बाद वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट पर सामान्य चर्चा प्रस्तावित थी. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही तय विपक्ष ने सीट से कुछ देर तक अपनी बात रखी. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन वादों को लेकर यूपीए विधानसभा चुनाव में गया था, वह बजट में नहीं दिखा.

सरकार पूर्वाग्रह से चल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि पांच साल में जनता फिर सरकार चुनती है, यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसकी समझ सबको होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि रघुवर दास की सरकार में बिजली, कृषि, पर्यटन सहित विधि व्यवस्था के क्षेत्र में बेहतर काम हुए. लेकिन 7 आदिवासियों की हत्या के बाद रोज हत्या की घटना हो रही है. सीएम हाउस से एक किलोमीटर की दूरी पर दौड़ा कर हत्या कर दी गई. गिरिडीह में जहरीली शराब से मौत हुई. उन्होंने कहा कि पिछले 2 महीने में सरकार ने कोई नया काम नहीं किया है.