झारखंड में केवल 47 प्रतिशत स्कूलों में बिजली कनेक्शन

झारखंड में महज 47.46 स्कूलों में ही बिजली कनेक्शन उपलब्ध है - Panchayat Times
प्रतीक चित्र

नई दिल्ली. केंद्र सरकार और राज्य सरकारें लगातार बिजली के क्षेत्र में विकास के दावे कर रही है. वहीं हकीकत ये है कि झारखंड में महज 47.46 स्कूलों में ही बिजली कनेक्शन उपलब्ध है. साथ ही पूरे देश की बात करें तो 63 फीसदी स्कूलों में ही बिजली का कनेक्शन उपलब्ध है. यह बात स्वयं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने संसद में स्वीकार किया है.

सोमवार को केंद्रीय मंत्री निशंक ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई), 2017-18 (अनंतिम) के अनुसार 63.14 फीसदी स्कूलों में बिजली का कनेक्शन है. चंडीगढ़, दादर-नागर हवेली और लक्षद्वीप के स्कूलों में शत-प्रतिशत बिजली कनेक्शन है.

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उन्होंने बताया कि असम में 24.28 फीसदी, मेघालय में 26.34 फीसदी, त्रिपुरा में 31.11 फीसदी, मध्य प्रदेश में 32.58 फीसदी स्कूलों में बिजली कनेक्शन है. दिल्ली में यह आंकड़ा 99.93 फीसदी,  तमिलनाडु में 99.55 फीसदी,  पंजाब में 99.55 फीसदी, हरियाणा 97.52 फीसदी, हिमाचल प्रदेश 92.09 फीसदी, महाराष्ट्र में 85.83 फीसदी, पश्चिम बंगाल में 85.59, उत्तराखंड 75.28, छत्तीसगढ़ 70.38,  राजस्थान 64.02,  बिहार 45.82 और उत्तर प्रदेश में 44.76 फीसदी है.

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 तक पूर्ववर्ती सर्व शिक्षा अभियान और 2018-19 से प्रभावी समग्र शिक्षा के अधीन 1,95,519 सरकारी प्रारंभिक स्कूलों का मार्च 2019 तक आंतरिक विद्युतीकरण किया गया है. स्कूलों में अवसंरचना सुविधाएं, केंद्र सरकार व राज्य सरकार के अन्य मंत्रालयों व विभागों की अन्य योजनाओं व कार्यक्रमों के अनुरूप भी प्रदान की जाती है. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत गांवों व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचाई जाती है. इसलिए वे स्कूल जिन्हें बिजली सेवा कनेक्शन की आवश्यकता है वे राज्य विद्युत यूटिलिटी से संपर्क कर सकते हैं और बिजली सेवा कनेक्शन, मौजूदा नियमों के अनुसार संबंधित राज्य विद्युत यूटिलिटी द्वारा लगाए जाते हैं.