फेसबुक और ट्वीटर को कटघरे में खड़ा करेंगे विपक्षी दल

लोकसभा चुनाव के दौरान फेसबुक और ट्वीटर...- Panchayat Times

नई दिल्ली. सोशल मीडिया राय बनाने का एक प्रमुख हथियार बन गया है. इसके मार्फत चुनाव प्रभावित करने का आरोप अब दूसरे देशों की तरह भारत में भी लगने लगा है. कई प्रमुख विपक्षी दलों के नेता अब संसद के भीतर और बाहर कहने लगे हैं कि लोकसभा चुनाव के दौरान फेसबुक और ट्वीटर ने पार्टी विशेष के पक्ष में उसको लाभ पहुंचाने वाली खबरों तथा सूचनाओं को प्रमुखता दी है और विपक्षी दलों की सूचनाओं को रोका है.

तृणमूल कांग्रेस  के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने राज्यसभा में एक पुस्तक “द रियल फेस ऑफ फेस बुक” दिखाते हुए कहा, “फेसबुक ने भाजपा विरोधी खबरों को रोका है जबकि सभी दलों के लिए समान वातावरण में चुनाव के लिए जरूरी है कि ऐसे तत्वों पर लगाम लगायी जाए. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कॉलेजियम के मार्फत हो. सभी विकसित देशों की तरह  चुनाव बैलेट पेपर से हो.”

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इस बारे में पूछने पर  ब्रायन ने कहा कि इन मुद्दों को तृणमूल जोर – शोर से उठायेगी और इसके लिए अन्य दलों से भी बात कर रही है. बसपा की मायावाती भी इसके पक्ष में हैं. कांग्रेस, तेदेपा, जद (एस), राजद, सपा, डीएमके आदि कई दल भी फेसबुक, ट्वीटर जैसे सोशल मीडिया काे पार्टी विशेष का प्रोपगंडा हथियार बन जाने के कारण उस पर लगाम लगाने, चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराये जाने के लिए मुहिम चलाने को राजी हैं.

सपा सांसद रवि वर्मा का कहना है, “इस लोकसभा चुनाव में फेसबुक, ट्वीटर व ईवीएम पर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. इसके मार्फत चुनाव को प्रभावित करने का, फेयर चुनाव नहीं होने देने का शक बढ़ गया है. ऐसे में जिस तरह अमेरिका, जर्मनी, इंग्लैंड आदि देशों में बैलेट पेपर से चुनाव होता है, वैसे ही भारत में भी कराया जाना चाहिए. जैसे कई देशों में ट्वीटर व फेसबुक पर नकेल लगायी गयी है वैसे यहां भी लगायी जानी चाहिए. विपक्षी दल यह मांग करते हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए, तो बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाना चाहिए. इसके लिए विपक्षी दल अगले कुछ माह में आंदोलन शुरू करेंगे.”

कांग्रेस के पूर्व सांसद हरिकेश बहादुर का कहना है, “ईवीएम के मार्फत कुछ तो हुआ है. यदि नहीं भी हुआ है और इस पर विपक्ष आशंका जता रहा है तो उसे दूर करने के लिए अगले सभी चुनाव बैलेट पेपर से ही कराये जाने चाहिए.” इस मामले में भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह का कहना है कि विपक्ष की हालत “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” वाली हो गई है. इसलिए विपक्षी दल तरह-तरह के मनगढ़ंत मिथ्यारोप लगा रहे हैं.