ऑर्गेनिक खेती करने का चढ़ा ऐसा नशा की रामगढ़ के बंजारी गांव निवासी राजीव ने छोड़ दी अमेरिका की नौकरी

ऑर्गेनिक खेती का चढ़ा ऐसा नशा की छोड़ दी अमेरिका की नौकरी - Panchayat Times
Agriculture official inspecting Rajeev Poddar's farm in Banjari Village of Ramgarh

रामगढ़. आज अधिकांश भारतीय अमेरिकी नौकरी का सपना देखता है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें अपने देश का नशा होता है. इन्हीं भारतीयों में शामिल हैं रामगढ़ जिले के बंजारी गांव निवासी राजीव पोद्दार. इन्हें ऑर्गेनिक खेती का नशा ऐसा चढ़ा कि अमेरिका में मिली नौकरी को ही छोड़ दिया. उनके मन में अपने देश में खेती करने जज्बा ऐसा मन में छाया की वे अमेरिका में अपनी अच्छी नौकरी को छोड़ अपने देश लौटने को मजबूर हो गए.

ऑर्गेनिक खेती का चढ़ा ऐसा नशा की छोड़ दी अमेरिका की नौकरी - Panchayat Times
Agriculture official inspecting Rajeev Poddar’s farm in Banjari Village of Ramgarh

अब राजीव ने अपने गांव बंजारी में छह एकड़ की जमीन में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा दिये गए तकनीकी सहयोग से ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं. साथ ही समेकित कृषि प्रणाली के रूप में सब्जी उत्पादन, फल, मछली पालन, डेरी, मशरूम उत्पादन करना शुरू किया है. जहां कोरोना से बचाव के लिए पूरे भारत में लॉक डाउन है.

बंजर पड़ी 6 एकड़ की जमीन को कृषि योग्य बनाई

वहीं राजीव पोद्दार अपने किए गए निश्चय को सफल करने में लगे है. बंजर पड़ी 6 एकड़ की जमीन को कृषि योग्य बना कर किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके है. तीन महीनों की कड़ी मेहनत एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन में उन्होंने समेकित कृषि के रूप में सब्जी की खेती की है. जिसमें भिंडी, लौकी, मक्का, करेला, झिंगी, नेनुआ इत्यादि लगाकर वे अच्छा उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं. इसके साथ खेत मे उपजाई गयी सब्जियों को नजदीकी बाजार में बेचकर लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं.

कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डॉ दुष्यंत कुमार राघव के साथ केंद्र के वैज्ञानिक डॉ धर्मजीत खेरवार, प्रक्षेत्र प्रबंधक सनी कुमार, केंद्र के मौसम विभाग के शशिकांत चौबे ने गुरुवार को राजीव पोद्दार के प्रक्षेत्र भ्रमण किया. राजीव  द्वारा लिए गए निर्णय की सराहना की.

उचित तकनीकी जानकारी देते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया गया

उन्होंने राजीव द्वारा किये जा रहे कार्यों के लिए उचित तकनीकी जानकारी देते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया गया. डॉ दुष्यंत कुमार राघव ने जैविक कृषि की महत्वता एवं उपयोगिता, कीट एवं रोग प्रबंधन के लिए जैविक उपचार और कृषि के अन्य क्रियाकलापों के बारे में बताते हुए उन्हें हमेशा केंद्र से जुड़े रहकर कृषि की नई तकनीक तथा कृषि से संबंधित समस्याओं के बारे में निदान के लिए हमेशा संपर्क बनाए रखने को कहा.

उन्होंने केंद्र में चल रहे ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के बारे में राजीव पोद्दार को बताया तथा उन्हें इस सेवा के व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया, जिससे अब उन्हें मौसम की अग्रिम पूर्वानुमान की जानकारी तथा कृषि संबंधी सलाह बुलिटिन सप्ताह में 2 दिन मंगलवार और शुक्रवार को मिलेगी जो कि उनके कृषि कार्य में और सहयोगी साबित होगी.

गिलोय, अजवाइन, पत्थरचट्टा, हड़जोड़ इत्यादि की तकनीकी जानकारी एवं महत्ता के बारे में समझाया

केंद्र के वैज्ञानिक डॉ धर्मजीत खेरवार ने उनके प्रक्षेत्र में लगे औषधीय पौधे जैसे गिलोय, अजवाइन, पत्थरचट्टा, हड़जोड़ इत्यादि की तकनीकी जानकारी एवं महत्ता के बारे में समझाया. राजीव पोद्दार ने कहा कि वो कृषि विज्ञान केंद्र से तकनीक की जानकारी प्राप्त कर कृषि कार्यों को और वृहद रूप में ले जाएंगे. इससे जिले के कुछ बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी प्राप्त होगा और जिले के किसानों का जैविक खेती की ओर आकर्षण भी बढ़ेगा.