जैविक कूड़े से खाद बनाने की परियोजना अधर में, डंपिंग साइट का विरोध

जैविक कूड़े से खाद बनाने की परियोजना ने पकड़ा तूल-Panchayat Times
जैविक कूड़े से खाद बनाने की परियोजना ने पकड़ा तूल

सुंदरनगर (मंडी). हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के नाचन के दयारगी में डंपिंग कर जैविक कूड़े से खाद बनाने की परियोजना के निर्माण मामले ने तूल पकड़ लिया है. दयारगी प्रधान तुलसी देवी और रजवाड़ी की प्रधान जसवंती देवी और वार्ड सदस्य छमा देवी ने डंपिंग साइट का कड़ा विरोध किया है. प्रधान तुलसी देवी ने स्पष्ट किया कि गांव में किसी भी हाल में डंपिंग साइट की अनुमति नहीं दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि परियोजना की विस्तृत जानकारी दिए बिना और लोगों की सहमति के बिना किसी भी हाल में डंपिंग साइट में सहमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेता बेवजह ही राजनीतिक रोटियां भी सेंक रहे है. प्रधानों ने डीसी मंडी को लिखे मांग पत्र में झूठा प्रचार कर गांव कर जनता को भड़का कर वातावरण बिगड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

परियोजना के निर्माण को लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है. नगर परिषद बल्ह ने यहां पर जिला स्तरीय जैविक कूड़े से खाद बनाने की परियोजना के निर्माण को लेकर पत्र सखा 89398 के तहत दिनांक 8 मार्च 2018 और पत्र सख्या 1636 दिनांक 24 अप्रैल 2018 के माध्यम से अनापति की मांग की, न कि डंपिंग साइट के निर्माण की मांग की है.

उक्त जमीन यारगी में मोझल गांव में सरकार के नाम से है. जबकि पंचायत ने 25 मार्च 2018 की बैठक में तीन शर्ते सामने रख कर जबाव दिया है. उन्होंने कहा कि हमने कोई अनुमति नहीं दी है. नगर परिषद ने जमीन की अनुमति मांगी है। प्रशासन द्वारा मामले में कोई कार्रवाई हुई है. उन्होंने कहा कि पंचायत के लोगों में यह भी पता नहीं है कि यहां कूड़ा कचरा डंप किया जाएगा अथवा खाद जैसे अन्य किसी और उद्योग को स्थापित किया जाएगा. जबकि कुछ शरारती तत्व दयारगी की जनता को भ्रमित करने लगे हैं. उन्होंने इस मामले पर कड़ी कार्रवाई करते हुए डीसी मंडी को मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. ताकि झूठा प्रचार कर दयारगी और रजवाड़ी की जनता को भ्रमित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.