सेब सीजन की पूर्व तैयारियों के बारे में समीक्षा बैठक आयोजित

शिमला. उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने बुधवार को बचत भवन शिमला में सेब सीजन की पूर्व तैयारियों के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में जिला के बागवान संगठनों, विभिन्न ट्रांसपोर्ट यूनियनों के पदाधिकारियों और जिला के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया.

अमित कश्यप ने बताया कि इस वर्ष सेब सीजन के दौरान लगभग 98 लाख सेब पेटी उत्पादन का अनुमान है. सीजन के दौरान ढुलाई की दरें सभी उपमंडल अधिकारियों ने विभिन्न बागवान संगठनों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों से समन्वय के बाद निर्धारित की जाएंगी. सभी उपमंडल अधिकारी इस बारे में 10 दिन के भीतर उपायुक्त को अपनी रिपोर्ट देंगे.

उन्होंने कहा कि सेब सीजन के दौरान व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए 15 जुलाई से 31 अक्तूबर, 2018 तक फागू में मुख्य नियंत्रक कक्ष खोला जाएगा. नारकंडा, खड़ापत्थर, नैना (बलग के पास) फेडजपुल और कुड्डु और रामपुर में संबंधित उपमंडलाधिकारियों द्वारा सब कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे.

सेब सीजन की पूर्व तैयारियों के बारे में समीक्षा बैठक आयोजित-Panchayat Times
प्रतीक चित्र

सेब की ढुलाई वाले ट्रकों के चालकों और क्लीनरों के पहचान-पत्र बनाए जाएंगे और इसके लिए 150 रुपए की फीस निर्धारित की गई है. पिकअप वाहन के ड्राईवरों के लिए यह राशि 100 रुपए निर्धारित की गई है. उन्होंने एपीएमसी को निर्देश दिए कि वह संबंधित उपमंडल अधिकारी के समन्वय के साथ कार्य करेंगे. बागवानों से किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए सख्त मापदंड अपनाए जाएंगे.

उन्होंने एचपीएमसी और हिमफैड को बागवानों के लिए पर्याप्त संख्या में गुणवत्ता वाले कार्टन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं. पड़ोसी राज्यों से सेब ढुलाई के लिए आने वाले ट्रकों को गुडस टैक्स से छूट का मामला प्रदेश सरकार के समक्ष रखा गया है. हर वर्ष सरकार ने 01 अगस्त से 31 अक्टूबर तक इस कर में छूट प्रदान की जाती है.

उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सभी मुख्य तथा सम्पर्क सड़कों की मरम्मत करने के निर्देश दिए और कहा कि जिन स्थलों में मलवा इत्यादि गिरने से यातायात में बाधा उत्पन्न होती है, उन स्थानों पर पर्याप्त संख्या में मशीनरी तैनात की जाए.
उन्होंने एचपीएमसी व हिमफैड को निर्धारित समय में पर्याप्त संख्या में कलेक्शन सेंटर खोलने के निर्देश दिए, ताकि बागवानों को इससे संबंधित कोई असुविधा न हो. अमित कश्यप ने कहा कि बागवानों को सेब सीजन के दौरान किसी तरह की समस्या हो तो वह संबंधित उपमंडलाधिकारी से सीधे संपर्क कर इस बारे में जानकारी दें. प्रशासन ने उनकी समस्याओं का हल करने के लिए समयबद्ध कदम उठाए जाएंगे.

पुलिस अधीक्षक शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि सेब सीजन के दौरान पुलिस विभाग द्वारा प्रत्येक नियन्त्रण कक्ष में 30-30 जवानों की तैनाती की जाएगी. 100 से अधिक जवान यातायात व्यवस्था के लिए तैनात किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि आवश्यकता के आधार पर इसके लिए पुलिस जवानों की संख्या बढ़ाई भी जाएगी.

उन्होंने बागवानों से आग्रह किया कि यदि किसी सेब खरीददार के बारे में उन्हें किसी भी तरह का संदेह हो तो वह इस बारे में तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि बागवानों से कोई भी व्यक्ति किसी तरह की धोखाधड़ी न कर सके. पुलिस ने ट्रकों की पूर्ण जांच सुनिश्चित की जाएगी और ट्रकों के चैसी नंबर भी सत्यापित किए जाएंगे.

इस अवसर पर विभिन्न बागवान संगठनों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों के पदाधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिए.
बैठक में पुलिस अधीक्षक शिमला ओमापति जमवाल, एडीएम (कानून एवं व्यवस्था) श्रीमती प्रभा राजीव, एडीएम (प्रोटोकाॅल) जीसी नेगी, जिला के सभी उपमंड अलाधिकारी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.