पेसा क्षेत्र की पांच हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में 10-11 जून को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन

पेसा क्षेत्र पेसा क्षेत्र की पांच हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में 10-11 जून को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन

रायपुर. राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के 27 में से 19 जिलों में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 1996 (पेसा) के अंतर्गत शामिल पांच हजार 055 ग्राम पंचायतों में अगले माह की दस और ग्यारह तारीख को विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन का निर्णय लिया है. पेसा क्षेत्र की इन ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को शासन के चार प्रमुख विभागों की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देने और इन योजनाओं में हितग्राही चयन के लिए विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने संबंधित ग्राम पंचायतों के आश्रित गांवों के लोगों से और वहां के पंच-सरपंचों से विशेष ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है. पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चंद्राकर ने भी ग्रामीणों का आव्हान किया है कि वे विशेष ग्राम सभाओं में अवश्य शामिल हों. इस सिलसिले में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से इन जिलों के कलेक्टरों को परिपत्र भेजकर विशेष ग्राम सभाओं की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

इनमें बस्तर संभाग के सभी सात जिलों-कांकेर, कोण्डगांव, नारायणपुर, बस्तर(जगदलपुर), बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा सहित गरियाबंद, धमतरी, बालोद, कोरबा, सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, बिलासपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ और जशपुर शामिल हैं.

विभाग के अपर मुख्य सचिव आर.पी. मंडल द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि विशेष ग्राम सभाओं में आम जनता को चार प्रमुख विभागों की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाए. इनमें पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग, वन विभाग और आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग शामिल हैं.

उल्लेखनीय है कि राज्य के 27 में से 13 जिले शत-प्रतिशत और 6 जिले आंशिक रूप से पेसा कानून के दायरे में आते हैं. इनमें सम्मिलित ग्राम पंचायतों की संख्या पांच हजार 55 है. परिपत्र में कहा गया है कि पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 1996 के तहत पेसा क्षेत्र में केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग की संस्कृति, परम्पराओं और रीति-रिवाजों के संरक्षण के साथ-साथ उनके चहुंमुखी विकास के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं.

छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 126 (क) से (च) तक पेसा कानून के संबंध में प्रावधान किए गए हैं. पेसा क्षेत्र की पंचायतों में केन्द्र और राज्य शासन की ओर से किए गए कार्यो, संचालित योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी इन विशेष ग्राम सभाओं में दी जाएगी.