नई दिल्ली: केंद्र सरकार की प्रमुख ग्रामीण आवास योजना प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (Pradhan Mantri Awas Yojana–Gramin / PMAY-G) के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अब तक 3 करोड़ 87 लाख से अधिक घरों के निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है।
राज्यसभा में दिए गए लिखित उत्तर में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने बताया कि 2 फरवरी 2026 तक 2 करोड़ 95 लाख से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 2 करोड़ 10 लाख 66 हजार घरों को मंजूरी दी गई, जिससे योजना के कार्यान्वयन में तेजी आई है।
योजना का लक्ष्य और अवधि
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा PMAY-G को 1 अप्रैल 2016 से लागू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बेघर और कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है।
सरकार ने इस योजना के तहत मार्च 2029 तक 4 करोड़ 95 लाख घरों के निर्माण का लक्ष्य तय किया है।
वित्तीय सहायता और सुविधाएं
PMAY-G के तहत लाभार्थियों को घर बनाने के लिए मैदानी क्षेत्रों में लगभग 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी या कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में लगभग 1.30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।
इसके अलावा योजना को अन्य सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा गया है, जैसे:
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण सहायता
मनरेगा (MGNREGA) के माध्यम से मजदूरी सहायता
उज्ज्वला योजना से LPG कनेक्शन
जल जीवन मिशन से पेयजल सुविधा
सौभाग्य योजना से बिजली कनेक्शन
पारदर्शिता और तकनीक का उपयोग
सरकार ने योजना के कार्यान्वयन में डिजिटल मॉनिटरिंग, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और Geo-tagging जैसी तकनीकों का उपयोग किया है, जिससे निर्माण कार्य की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
सरकार का कहना है कि PMAY-G ग्रामीण गरीबों को सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित आवास प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
