नई दिल्ली. पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या में एक नया मोड़ सामने आया है. पाकिस्तान तालिबान ने दावा किया है कि उसके संगठन ने बेनजीर भुट्टो की हत्या की थी.
संगठन ने दावा किया है कि वो बेनजीर और अमेरिका के बीच हुई डील से नाराज था. उस डील में भुट्टो ने अमेरिका के साथ मिलकर ‘मुजाहिद्दीन-ए-इस्लाम’ के खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी की थी.
2007 में हुई भुट्टो की हत्या की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली थी, लेकिन अब 10 साल बाद तालिबान के मुखिया की उर्दू में लिखी किताब- ‘इंकलाब महसूद दक्षिणी वजीरिस्तान: ब्रिटिश राज से अमेरिकी साम्राज्यवाद तक’ में इस हत्या की जिम्मेदारी ली गई है.
इस किताब में बताया गया है कि बेनजीर भुट्टो की वापसी की योजना अमेरिकियों के इशारे पर बनाई गई थी, क्योंकि उन्होंने उन्हें मुजाहिदे इस्लाम के खिलाफ एक योजना दी थी.
भुट्टो की हत्या
बतादें कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की प्रमुख बेनजीर भुट्टो की 27 दिसंबर 2007 को रावलपिंडी में एक चुनावी रैली के बाद हुए आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी.