पलामू प्रमंडल के अंतर्गत तीन जिले आते हैं, पलामू, गढ़वा और लातेहार. बिहार के बॉर्डर से सटे होने के कारण यहाँ आपको बिहार की संस्कृति आसानी से देखने को मिलेगी तथा गढ़वा और लातेहार आदिवासी बाहुल्य इलाका है, साथ में यह जिला नक्सलियों से भी काफी प्रभावित है, साथ ही क्षेत्र में काफी जंगल काफी सघन है.

पलामू प्रमंडल पर्यटन झारखण्ड के पर्यटन स्थल का बहुत बड़ा केंद्र हैं. इसके क्षेत्र के अंतर्गत  बेतला नेशनल पार्क और  व नेतरहाट का नाम सर्वोपरि है. नेतरहाट को छोटानागपुर की रानी की संज्ञा दी गयी है. यह इलाका अंग्रेजों का भी पसंदीदा था, यही कारण है कि शैले हाउस सहित कई ऐसे इमारत हैं, जो अंग्रेजों के द्वारा निर्मित हैं तथा नेतरहाट का सबसे खुबसूरत दृश्य है सनसेट व सनराइज का जो देखते ही बनती है.

वहीँ लातेहार जिले की बात करें तो यहाँ पर उद्योगों की कमी है जिसके कारण यहाँ के लोग आजीविका के लिए जंगल पर निर्भर रहते हैं तथा जंगलों में पाए जाने वाले फूल-पत्तों से खूबसूरत कलाकृतियां बनाकर उसे बेचते हैं, वहीँ लातेहार में कोयले, बॉक्साइट, लेटेराइट और डोलोमाईट खदानें भी हैं.

राजनीतिक दृष्टिकोण की बात करें तो यहाँ पर एक लोकसभा और नौ विधानसभा क्षेत्र आती है. वहीं 2014 के हुए विधानसभा चुनावों में लोकसभा की एक सीट पर भाजपा को जीत मिली थी और साल के अंत में हुए विधानसभा चुनावों में नौ में से चार सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी.