पंचायत उपचुनाव का बजा बिगुल, 372 ग्राम पंचायतों में 2 सितम्बर को होगा मतदान

हरियाण में पंचायत उपचुनाव का बज गया बिगुल, 372 ग्राम पंचायतों में 2 सितम्बर को होगा मतदान
प्रतीक चित्र

चण्डीगढ़. हरियाणा के राज्य चुनाव आयुक्त डॉ० दलीप सिंह ने आज ग्राम पंचायत के पंचों, सरपंचों एवं पंचायत समिति के सदस्यों के रिक्त पदों को शेष अवधि के लिए भरने के लिए उप-चुनाव करवाने के कार्यक्रम की घोषणा की है. इन चुनाव के लिए 19 जिलों की 372 ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों/जिला परिषदों में मतदान आगामी 2 सितम्बर, 2018 को प्रात: 8.00 बजे से सायं 4.00 बजे तक होगा.

चुनाव कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जिला चुनाव अधिकारी (पंचायत) द्वारा 10 अगस्त, 2018 को सूचना प्रकाशित की जाएगी. नामांकन पत्र 17 से 23 अगस्त, 2018 के बीच प्रात: 10.00 बजे से सायं तीन बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे और इन्हीं तिथियों को प्राप्त नामांकन पत्रों की सूची चस्पा की जाएगी और शपथ पत्र और घोषणा पत्र जमा किए जाएंगे.

उन्होंने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच का कार्य 24 अगस्त, 2018 को प्रात: 10.00 बजे से होगा. उम्मीदवार द्वारा नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 25 अगस्त, 2018 को सांय तीन बजे तक है और वहीं उसी दिन सांय तीन बजे के बाद चुनाव चिन्हों का आबंटन किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की सूची 25 अगस्त, 2018 को चुनाव चिन्हों के आंबटन के तुरंत पश्चात चस्पा की जाएगी. मतों की गणना मतदान होने के तुरंत बाद शुरू की जाएगी. पुन: मतदान के मामले में आयोग मतों की गणना की तिथि एवं समय में परिवर्तन कर सकता है.

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अनुसार ग्राम पंचायतों के पंचों और सरपंचों के चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरे जाएंगे और रिटर्निंग अधिकारियों या सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (पंचायत) द्वारा संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय प्राप्त किए जाएंगे और पंचायत समितियों के सदस्यों के नामांकन नगर पालिका और नगरपरिषद के खंड मुख्यालय कार्यालयों में भरे जाएंगे और प्राप्त किए जाएंगे. केवल रिटर्निंग अधिकारी द्वारा ही नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी.

नोटा भी रहेगा मौजूद:

उन्होंने बताया कि सरपंच के चुनाव में नोटा (उपरोक्त में कोई नहीं) के विकल्प का उपयोग किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पंचों, सरपंचों और पंचायत समिति के सदस्यों के मतों की गिनती मतदान केन्द्र पर मतदान बंद होने के तुरंत बाद की जाएगी. परन्तु गणना से पहले रिटर्निंग अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके नियंत्रण के तहत सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान पूरा हो गया है.

उन्होंने बताया कि भारत के चुनाव आयोग द्वारा यदि किसी मतदाता को फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र जारी नहीं किया गया है तो उसे कोई भी एक प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा. प्रमाणिक दस्तावेजों में ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, केन्द्र या राज्य सरकार के कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों या अन्य पब्लिक लिमिटेड कम्पनी के सेवा पहचान पत्र, अनुसूचित बैंक या डाकखाना में खोले गए खाते की फोटोयुक्त पासबुक, फोटोयुक्त स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़े वर्गों के प्रमाणपत्र, सशस्त्र लाइसेंस, राष्टीय ग्रामीण गारंटी रोजगार स्कीम के तहत जारी फोटोयुक्त जॉब कार्ड, फोटो वाले सम्पत्ति दस्तावेज, पेंशन दस्तावेज, स्वास्थ्य बीमा योजना स्मार्ट कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट शामिल हैं.