सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, वनों से आच्छादित पंगुरा जल प्रपात

खूंटी. वैसे तो प्रकृति ने खूंटी जिले को कई अनुपम उपहार दिये हैं, जो सालभर सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं. इन्हीं मनोरम स्थलों में एक है पंगुरा जल प्रपात. यह मुरहू प्रखंड अंतर्गत वनाच्छादित इट्टी पंचायत के डहकेला गांव के समीप स्थित है.

इसका उद्गम स्थल इट्टी गांव की एक पहाड़ी नदी है. गांव के आसपास की पहाड़ियों से निकलती यह नदी जंगलों व पहाड़ियों से होकर कल-कल करती पंगुरा पहुंचती है, जहां कई छोटे-बड़े झरनों में तब्दील होकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करती है. यहांं मुरहू-बिरबांकी सड़क के किनारे अवस्थित मुरुदडीह गांव से बांयी ओर करीब एक किलोमीटर दूरी तय कर किसी भी वाहन से पंगुरा जलप्रपात पहुंचा जा सकता है. मुरहू मुख्य पथ से मुरूदडीह की दूरी करीब 10 किलोमीटर है.

यहां दो मुख्य झरने हैं. एक झरना 70 फीट एवं दूसरा झरना 40 फीट की उंचाई से गिरता है. इसके अलावा कई झरने हैं, जो मनमोहक हैं. इन झरनों के दोनों ओर उंची-उंची पहाड़ियां एवं हरे-भरे पेड़-पौधे व वनफूल पर्यटकों को बरबस ही आकर्षित करते हैं. यह बात अलग है कि इस जल प्रपात का पूर्ण अवलोकन करने के लिए नीचे उतरना पर्यटकों के लिए काफी जाखिम भरा है.

पंगुरा जल प्रपात का अंतिम व बड़े झरने का दृश्य आकर्षक है.इस झरने के नीचे स्थित विशाल जलाशय को स्थानीय लोग सरना स्थल मानते हैं. इस जलाशय में स्नान करने पर पारंपरिक प्रतिबंध है. ग्रामीणों में मान्यता है कि प्रत्येक वर्ष चैत्र माह की अमावस्या की रात गांव के पाहन उस झील में देवता की पूजा-अर्चना करते हैं.