नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र 2026 बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त संबोधन के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद लोकसभा और राज्यसभा को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। बजट सत्र कुल 65 दिनों में 30 बैठकें करेगा और 2 अप्रैल को समाप्त होगा। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को अवकाश पर जाएगा और 9 मार्च को फिर से शुरू होगा।
राष्ट्रपति का संबोधन—मुख्य बातें
स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं की संख्या 10 करोड़ के पार; ‘लखपति दीदी’ की संख्या 2 करोड़ से अधिक, जल्द 3 करोड़ तक पहुंचने का लक्ष्य।
सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध।
बीते 11 वर्षों में देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत; भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था।
महंगाई पर नियंत्रण से गरीब और मध्यम वर्ग को लाभ; आय, बचत और क्रय शक्ति में वृद्धि।
भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता (FTA) विनिर्माण व सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देगा, रोजगार सृजन होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में उल्लेखनीय प्रगति; अप्रैल–अगस्त FY26 में स्मार्टफोन निर्यात 1 लाख करोड़ रुपये के पार।
रेल आधुनिकीकरण पर जोर; देशभर में 150 वंदे भारत ट्रेनें संचालित, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को सराहना।
खेलों में सुधार; 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी का श्रेय तैयारी और आत्मविश्वास को।
अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रगति; गगनयान मिशन और भविष्य में भारतीय स्पेस स्टेशन का लक्ष्य।
आर्थिक सर्वे और बजट
29 जनवरी: आर्थिक सर्वे पेश होगा।
1 फरवरी: केंद्रीय बजट 2026–27 लोकसभा में पेश किया जाएगा।
विधायी कार्य
लोकसभा सचिवालय के अनुसार 9 लंबित विधेयक सूचीबद्ध, जिनमें दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक और सिक्योरिटीज़ मार्केट्स कोड शामिल।
मांगों की जांच के लिए 13 फरवरी से अवकाश के दौरान स्थायी समितियां कार्य करेंगी।
हंगामा और स्थगन
राष्ट्रपति के कुछ उल्लेखों पर विपक्षी सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया।
अंततः दोनों सदन 29 जनवरी को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित।
