विधानसभा चुनाव में दागी और बागी के भरोसे चुनाव जीतने की तैयारियां

झारखंड में नहीं साफ हो पा रही है गठबंधन की तस्वीर-Panchayat Times

रांची. झारखंड में विधानसभा चुनाव के पहले राजनीतिक बिसात बिछने लगी है. भाजपा, झामुमो, कांग्रेस, झाविमो तथा अन्य दलों में दागी और बागी के भरोसे चुनाव जीतने की तैयारियां भी शुरू हो गयी हैं. भाजपा में झामुमो और कांग्रेस के पांच विधायकों के शामिल होने के बाद सत्तारूढ़ दल की गर्जना और भयंकर हो गयी है. ये अब ब्रेकलेस सड़कों में जोरदार रेस लगा रहे हैं. वहीं विपक्ष भी घात-प्रतिघात के दांव का इंतजार कर रहा है.

सत्तारूढ़ दल समेत अन्य दलों में भी दागियों की फेहरिस्त काफी लंबी है. झारखंड अगेंस्ट करप्शन की याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य सरकार ने पूछा था कि झारखंड के सभी 56 दागी विधायकों पर आखिर सरकार क्या रही है. इस पर हाइकोर्ट ने एक स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी. इस रिपोर्ट को पुलिस के सीआईडी विभाग ने कोर्ट में सौंप दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड के 62 विधायकों पर क्रिमिनल केस चल रहे थे. लेकिन उनमें से 19 विधायकों को केस से बरी कर दिया जा चुका है.

आइये जानते हैं कौन-कौन हैं दागी विधायक

भाजपा में अपनी पार्टी नौजवान संघर्ष मोर्चा के विलय कराने वाले विधायक भानू प्रताप शाही झारखंड में दवा घोटाले के आरोपी हैं. इन पर 33 करोड़ रुपये का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन घोटाले के गंभीर आरोप लगे हुए हैं. इन पर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय में भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला चल रहा है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट से इन्होंने इस मामले पर जमानत ले रखा है. अब ये भवनाथपुर से भाजपा की नैया पार लगायेंगे.

बाघमारा से भाजपा विधायक ढुल्लू महतो के खिलाफ हाल ही में एक अदालत ने डेढ़ वर्ष की सजा सुनाई थी. इन पर भाजपा नेत्री द्वारा कतरास थाने में ऑनलाइन दुष्कर्म के आरोप भी लगाये गये थे, जिस पर झारखंड हाईकोर्ट ने 21 नवंबर 2018 को धनबाद एसपी को प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था. इन पर कई और मामले भी चल रहे हैं.

भाजपा के विधायक जानकी प्रसाद यादव पर भी एक मामला चल रहा है. इन पर भादवि की धारा 323, 354, 406, 504, 511 के तहत आरोप लगाये गये हैं. पार्टी के विधायक संजीव सिंह पर दो केस कोर्ट में पेंडिंग है. दोनों केस में चार्ज फ्रेम हो चुका है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष और झारखंड विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन भी आरोपों से मुक्त नहीं हैं. इन पर 144, 506 और 171डी के तहत केस चल रहा है. भाजपा की तरफ से भी इन पर कई जगहों पर जमीन खरीदने का बावेला मचाया जा रहा है. इनके खिलाफ दर्ज दुमका कांड संख्या 294 ऑफ 14 और 295 ऑफ 15 में इन्हें बरी कर दिया गया है.

झामुमो के विधायक चंपाई सोरेन के खिलाफ राज्य सरकार ने 1993 के एक मामले पर दुबारा कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. इन पर गम्हरिया के माहुलडीह में बम चलाने का मामला दर्ज है. इनके केस को दुबार 3.11.2018 को फिर से खोल दिया गया है और फ्रेश इनवेस्टीगेशन जारी है. इनके अलावा पार्टी के ही जगरनाथ महतो के खिलाफ 13.5.2016 को नवाडीह थाना प्रभारी रामचंद्र राम के जहरीले धुंए से हुई मौत का मामला दर्ज किया गया था. इन पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें इन्हें झारखंड हाईकोर्ट से रियायत मिल गयी थी. पार्टी के ही पौलुस सूरीन पर बानो पुलिस थाना कांड संख्या 5/09 के तहत तीन लोगों की हत्या का मामला चल रहा था.

झारखंड प्रदेश जनता रक्षा मंच के हरि नारायण सिंह, मनोज शर्मा और शिबू सिंह की हत्या में इनका नाम शामिल था. ये भी 3 मार्च 20111 को साक्ष्य के आभाव में बरी हो गये हैं.

बसपा विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता के खिलाफ झारखंड महिला आयोग समेत तीन केस कोर्ट में पेंडिंग हैं. तीनों केसों में इन पर चार्ज फ्रेम होना बाकी है. इन पर 143, 341, 353, 355, 290, 504, 506 और 342 पर लगे आरोपों के आधार पर मुकदमा चल रहा है.

कांग्रेस विधियक निर्मला देवी पर एनटीपीसी थर्मल पावर प्लांट समेत विभिन्न न्यायालयों में आठ केस इन पर पेंडिंग हैं. पुलिस की तरफ से इनके आठ केस में सिर्फ एक केस जो पतरातू के भुरकुंडा थाना में है उसमें 143, 147, 149 और 188 के तहत केस चल रहा है. कांग्रेस के ही इरफान अंसारी एक केस कोर्ट में पेंडिंग है. एक पर स्टे लगा हुआ है. एक में पेशी होनी बाकी है. इनपर 147, 148, 325, 379, 506, 384, 379, 323, 341, 385 और 427 की आइपीसी धाराओं पर मुकदमा चल रहा है.

भापका माले विधायक राजकुमार यादव के खिलाफ भी 147, 341 और 323 अंतर्गत सुनवाई चल रही है. मामला न्यायालय में लंबित है.

झाविमो विधायक प्रदीप यादव को हाल ही में झारखंड हाईकोर्ट से दुष्कर्म मामले में जमानत मिली है. इनके खिलाफ पांच केस कोर्ट में पेंडिंग हैं. इन पर 147, 148, 1498, 323, 307, 332, 333, 353, 120बी, 224, 505, 117, 34, 42, 188 और 171 धारा के तहत मुकदमा चल रहा है.