जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन टूटा, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस्तीफा दिया

भाजपा और पीडीपी का गठबंधन टूट गया है. उन्होंने कहा कि

नई दिल्ली. भाजपा के समर्थन वापसी के बाद जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपना इस्तीफा दे दिया है.  जम्मू-कश्मीर में पिछले तीन साल से पीडीपी के साथ सरकार में शामिल बीजेपी ने मंगलवार को महबूबा मुफ्ती सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया. जम्मू-कश्मीर के भाजपा प्रभारी राम माधव ने नई दिल्ली के बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी कि भाजपा और पीडीपी का गठबंधन टूट गया है.

उन्होंने कहा कि “भाजपा जम्मू-कश्मीर में अपनी भागीदारी वापस ले रही है. जनता के जनादेश को ध्यान में रखकर गठबंधन किया गया था. पिछले 3 साल के कार्यकाल के दौरान राज्य में शांति बहाल करना और विकास करवाना हमारा लक्ष्य था. लेकिन राज्य में बढ़ते आतंकवाद और राज्य सरकार जिस तरह से अपना दायित्व ठीक से नहीं निभा पा रहे थे इसलिए हमने ये निर्णय लिया है कि हम जम्मू-कश्मीर की सरकार से अपने आप को अलग करते हैं.”

भाजपा नेता ने कहा कि “आज आतंकवाद बढ़ गया है. लोगों के मानवाधिकार खतरे में आ गए हैं. जिस प्रकार पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या हो जाती है ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को पूरी मदद की है. हर प्रकार के डेवलेपमेंट प्रोग्रेम को वहां चलाने के लिए फंड और सहयोग दिया गया. 4000 बंकर्स का निर्माण करवाया गया. राज्य सरकार का जो सुरक्षा का दायित्व था उसमें सही काम नहीं किया गया. जितने विकास काम हो सकते थे वो नहीं हो पाए. हम वर्तमान सरकार के रोल से संतुष्ट नहीं हैं इसलिए हम अलग हो रहे हैं.

भाजपा और पीडीपी का गठबंधन टूट गया है. उन्होंने कहा कि "भाजपा जम्मू-कश्मीर
फाइल फोटो

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राम माधव ने कहा कि “कश्मीर में जो स्थिति पैदा हो गई है और इसके साथ ही देश की सुरक्षा अखंडता की परवाह करते हुए हम राज्यपाल से अपील करते हैं कि राज्य में राज्यपाल का शासन लगाया जाए. आगे जो भी होगा हम उसके लिए विचार करेंगे. जैसा कि आप जानते हैं कि केंद्र सरकार ने रमजान के पाक महीने सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन लाया, जिसका जवाब हत्याओं के रूप में दिया गया. इसलिए हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि हम पीडीपी से अलग हो रहे हैं.” भाजपा के विधायकों ने इस निर्णय का समर्थन किया है. एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए राम माधव ने कहा कि बेशक जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल का शाषण हो जाए लेकिन आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चालू रहेगा.