नई दिल्ली: दिल्ली में हजारों परिवारों को जल्द ही LPG सिलेंडर से राहत मिल सकती है, क्योंकि राजधानी में 4 लाख नए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन देने की तैयारी तेज कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक घरों तक लगातार, सुरक्षित और आसान गैस सप्लाई पहुंचाई जाए और उन इलाकों को भी PNG नेटवर्क से जोड़ा जाए, जहां लोग अब भी सिलेंडर पर निर्भर हैं।
इस दिशा में दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि PNG कनेक्शन देने की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को PNG कनेक्शन लेने में कम परेशानी और ज्यादा सुविधा मिलनी चाहिए।
दिल्ली में 18 लाख कनेक्शन की क्षमता, 14 लाख पहले से चालू
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में इस समय करीब 18 लाख PNG कनेक्शन देने की क्षमता वाला नेटवर्क तैयार है।
इनमें से लगभग 14 लाख कनेक्शन पहले ही दिए जा चुके हैं। अब सरकार का फोकस उन बाकी 4 लाख घरों तक PNG पहुंचाने पर है, जो अब भी इस सुविधा से वंचित हैं।
यह विस्तार खासतौर पर उन क्षेत्रों में किया जाएगा, जहां: लोग अभी भी LPG सिलेंडर पर निर्भर हैं, पाइपलाइन नेटवर्क तो मौजूद है, लेकिन कनेक्शन नहीं लिया गया या जहां अभी तक PNG की पहुंच सीमित है हर महीने 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार कनेक्शन देने की तैयारी में है, फिलहाल दिल्ली में हर महीने लगभग 10,000 नए PNG कनेक्शन दिए जा रहे हैं। सरकार अब इस संख्या को बढ़ाकर 25,000 प्रति माह तक ले जाने की योजना पर काम कर रही है। अगर यह लक्ष्य हासिल होता है, तो राजधानी में PNG का विस्तार काफी तेजी से हो सकेगा और लाखों परिवारों को जल्द लाभ मिल सकता है।
डोर-टू-डोर अभियान से लोगों को किया जाएगा जागरूक
सरकार ने PNG विस्तार को तेज करने के लिए घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बनाई है।
इस अभियान का मकसद उन इलाकों में लोगों को PNG के फायदे और आवेदन प्रक्रिया के बारे में बताना है, जहां अभी इसकी जानकारी कम है या पहुंच सीमित है।
यह अभियान खासतौर पर ऐसे क्षेत्रों में केंद्रित होगा: कम जागरूकता वाले इलाके,जहां LPG सिलेंडर का उपयोग ज्यादा है जहां पाइपलाइन तो है, लेकिन लोगों ने कनेक्शन नहीं लिया,अनधिकृत कॉलोनियों और ग्रामीण इलाकों में भी होगा फोकस
सरकार उन इलाकों तक भी PNG पहुंचाने की कोशिश कर रही है, जहां अभी तक पाइपलाइन नहीं बिछाई जा सकी है।
इनमें शामिल हैं:
अनधिकृत कॉलोनियां
ग्रामीण क्षेत्र
बाहरी दिल्ली के पॉकेट्स
ऐसे इलाकों में अवेयरनेस ड्राइव के साथ-साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर भी जोर दिया जाएगा।
तंग गलियां और बहुमंजिला इमारतें बनीं चुनौती
दिल्ली में PNG विस्तार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है घनी आबादी वाले क्षेत्र।
कई जगहों पर:
गलियां बहुत संकीर्ण हैं
इमारतें बहुमंजिला हैं
और पाइपलाइन बिछाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है
अधिकारियों के मुताबिक, इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग इलाकों के लिए विशेष तकनीकी समाधान तैयार किए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार अब सिर्फ घरों तक ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक संस्थानों में भी PNG के इस्तेमाल को बढ़ाने पर काम कर रही है।
सरकार की योजना के तहत PNG उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा:
नाइट शेल्टर्स में मिड-डे मील योजना से जुड़े किचन में,अटल कैंटीन में, MCD के अधीन आने वाले संस्थानों में इसके अलावा, सरकार रेस्तरां, होटल, धार्मिक स्थल और अन्य सार्वजनिक जगहों पर भी PNG के अधिक इस्तेमाल की संभावनाएं तलाश रही है।
LPG के मुकाबले PNG क्यों है बेहतर विकल्प?
दिल्ली के कई इलाकों में आज भी लोग LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन PNG को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक विकल्प माना जाता है।
PNG के फायदे
गैस की लगातार सप्लाई
सिलेंडर बुकिंग और रीफिल की झंझट खत्म
घर तक सीधी पाइपलाइन सुविधा
उपयोग में ज्यादा आसान
लंबे समय में कई मामलों में किफायती विकल्प
इसी वजह से सरकार अब ज्यादा से ज्यादा लोगों को PNG से जोड़ना चाहती है।
दिल्ली में PNG कनेक्शन के लिए कैसे करें आवेदन?
दिल्ली में रहने वाले लोग Indraprastha Gas Limited (IGL) के जरिए PNG कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
IGL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
New PNG Connection Form भरें
जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
ऑफलाइन आवेदन कैसे करें
नजदीकी IGL ऑफिस या अधिकृत केंद्र पर जाकर आवेदन किया जा सकता है
जरूरी दस्तावेज
पहचान पत्र (ID Proof)
पते का प्रमाण (Address Proof)
पासपोर्ट साइज फोटो
आवेदन के बाद क्या होगा?
आवेदन जमा होने के बाद:Feasibility Check किया जाएगा,क्षेत्र में पाइपलाइन की उपलब्धता देखी जाएगी,फिर पाइपलाइन कनेक्शन दिया जाएगा उसके बाद मीटर इंस्टॉलेशन किया जाएगा
क्यों अहम है यह पहल?
दिल्ली जैसे बड़े और तेजी से बढ़ते शहर में स्वच्छ, सुगम और निरंतर ईंधन आपूर्ति बेहद जरूरी है।
PNG विस्तार की यह योजना न केवल लोगों की घरेलू सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि राजधानी में शहरी गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करेगी। यह पहल उन परिवारों के लिए खास तौर पर राहत भरी हो सकती है, जो हर महीने सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी और रीफिल की परेशानी से जूझते हैं।
दिल्ली में 4 लाख और PNG कनेक्शन देने की योजना राजधानी के लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बन सकती है।
सरकार अब सिर्फ नेटवर्क विस्तार पर नहीं, बल्कि तेज इंस्टॉलेशन, आसान प्रक्रिया, जागरूकता और पहुंच पर भी बराबर जोर दे रही है। अगर यह योजना तय रफ्तार से आगे बढ़ी, तो आने वाले समय में दिल्ली के बड़ी संख्या में घर LPG सिलेंडर से PNG की ओर शिफ्ट होते नजर आ सकते हैं।
