प्रधानमंत्री ने झारखंड को दी बहुत सारी सौगातें

प्रधानमंत्री ने झारखंड को दी बहुत सारी सौगातें-Panchayat Times

रांची. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को झारखंड की राजधानी रांची में झारखंड विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन किया. इसके बाद प्रधानमंत्री ने तीन अन्य राष्ट्रीय योजनाएं खुदरा दुकानदार पेंशन योजना, एकलव्य आवासीय विद्यालय योजना और प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना भी शुरू कीं. इसके साथ ही उन्होंने 299 करोड़ रुपए की लागत से तैयार साहिबगंज मल्टी मॉडल बंदरगाह का भी उद्घाटन किया.

मोदी ने कहा कि कानून और कोर्ट से खुद को ऊपर समझने वाले जमानत के लिए अदालत के चक्कर काट रहे हैं. जनता को लूटने वालों को उनकी सही जगह पहुंचाने का संकल्प उन्होंने लिया है. इस पर काम हो रहा है, और कुछ लोग चले भी गए हैं. मोदी इससे पहले 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में रांची पहुंचे थे.

साहिबगंज पोर्ट से विकास के नए अवसर पैदा होंगे’

मोदी ने कहा कि देश के करोड़ों किसानों और कारोबारियों को पेंशन सुनिश्चित करने वाली योजनाओं की शुरुआत झारखंड से हो रही है. हम देश को बनाने वाले सभी वर्गों को बुढ़ापे में पेंशन के लिए योजनाएं लाए हैं. साहिबगंज टर्मिनल प्रोजेक्ट झारखंड ही नहीं देशभर को पहचान देगा. यह हल्दिया बनारस जलमार्ग का अहम हिस्सा है. जो झारखंड को देश और विदेश से जोड़ेगा. इससे विकास के नए अवसर पैदा होंगे.

झारखंड के किसानों की पैदावर और उनके लिए यह टर्मिनल बहुत फायदेमंद साबित होगा. चुनाव के समय मैंने कामदार और दमदार सरकार देने का वादा किया था. ऐसी सरकार जो पहले से ज्यादा काम करेगी. बीते 100 दिन में जनता ने ट्रेलर देख लिया है, अभी फिल्म बाकी है. हमारा संकल्प था- मुस्लिम महिलाओं को हक दिलाना, पहले 100 दिन में इसे सुनिश्चित किया. आतंकवाद के खात्मे और जम्मू-कश्मीर को विकास के साथ जोड़ने का संकल्प भी पूरा किया.

‘5 साल में कई संकल्प बाकी’

प्रधानमंत्री ने कहा कि झारखंड के विधानसभा का भवन लोकतंत्र का तीर्थस्थान है. जहां आने वाली पीढ़ियों के सपने साकार होंगे. युवा इसे देखने जरूर जाएं. आपने नई सरकार में संसद का पहला सत्र देखा होगा. इस बार यह आजाद भारत के इतिहास में सबसे ज्यादा प्रोडक्टिव रहा. देर रात तक संसद चली और घंटों तक बहस हुई. कई जरूरी कानून बनाए गए. इनका श्रेय सभी दलों के सदस्यों को भी जाता है. विकास हमारी प्राथमिकता और प्रतिबद्धता भी है. आज देश सबसे तेज गति से चल रहा है. जिन लोगों ने खुद को कानून और अदालतों से ऊपर समझ लिया था वो आज जमानत के लिए अदालतों के चक्कर काट रहे हैं. अभी तो यह शुरुआत है, पांच साल बाकी हैं. बहुत से संकल्प बाकी हैं.

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गैस कनेक्शन देकर जीवन आसान बनाया’

मोदी ने कहा कि गरीब को अब लाखों रुपए देकर इलाज नहीं कराना पड़ रहा है. हमारी सरकार ने गरीब के जीवन को आसान बनाने और उसकी चिंता कम करने का पूरा प्रयास किया. पहले वे टीकाकरण से छूटने पर गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाते थे. गरीबों के बैंक खाते खुलवाए, उन्हें शौचालय की सुविधा और गैस कनेक्शन देकर जीवन को आसान बनाया है.

पीएम ने आगे कहा कि झारखंड के बच्चों में खेल का सामर्थ्य है. सरकार हर स्कूल में आदिवासी बच्चों पर साल में एक लाख रुपए खर्च करेगी. सुदूर इलाकों में सड़के बनाई गईं, आने वाले वक्त में रेलवे, वॉटरवे और हाईवे को मजबूती मिलेगी. पहले जिस तरह से घोटाले होते थे, उस स्थिति में बदलाव राज्य की रघुवर दास सरकार ने किया है.


खुदरा दुकानदार पेंशन योजना

इस योजना के तहत डेढ़ करोड़ रुपए सालाना से कम का कारोबार करने वाले सभी दुकानदारों, खुदरा कारोबारियों और स्वरोजगार करने वालों का रजिस्ट्रेशन होगा. 18 से 40 साल की उम्र के दुकानदार इस योजना का लाभ पाने के लिए देशभर के 3.25 लाख कॉमन सर्विस सेंटर पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. 60 साल की उम्र के बाद उन्हें हर महीने 3000 रुपए की पेंशन दी जाएगी.


एकलव्य विद्यालय योजना

प्रधानमंत्री ने रांची से देश को 462 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का तोहफा देंगे. अकेले झारखंड के हिस्से में 69 एकलव्य स्कूल आए हैं. इनमें से 23 स्कूलों के लिए केंद्र सरकार ने 524 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दे दी है. इन स्कूलों में क्लास 6 से 12 तक शिक्षा दी जाएगी.

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना

किसानों को सामाजिक जीवन सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के लिए मासिक पेंशन के रूप में प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना की शुरुआत करेंगे. इस योजना के तहत 18 से 40 वर्ष के उम्र के किसानों का रजिस्ट्रेशन होगा. 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद 3000 रुपए मासिक पेंशन मिलेगी. इसके लिए किसानों को भी उम्र के हिसाब से तय प्रीमियम देना होगा.
साहिबगंज मल्टी मॉडल बंदरगाह

गंगा नदी पर बने मल्टी मॉडल बंदरगाह शुरू होने से साहिबगंज की पहचान व्यापारिक केंद्र के रूप में होगी. इस बंदरगाह को 299 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है. बंदरगाह की सालाना क्षमता 22 लाख 40 हजार टन है.

19 साल बाद बना नया विधानसभा भवन

अलग राज्य बनने के 19 साल बाद झारखंड को विधानसभा का नया भवन मिला. 465 करोड़ रुपए की लागत से 39 एकड़ में ग्रीन बिल्डिंग की तर्ज पर नया विधानसभा भवन बना है. तीन मंजिला इस नए भवन में देश का पहला 37 मीटर ऊंचा गुंबद है. बिल्डिंग की छत पर झारखंडी संस्कृति की झलक उकेरी गई है. यह देश की पहली विधानसभा होगी जो पूरी तरह से वाई-फाई से जुड़ी है. हर टेबल पर लैपटॉप दिया जाएगा. देश की यह दूसरी पेपरलेस विधानसभा होगी.