नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से स्वास्थ्य और आयुर्विज्ञान अनुसंधान पर केंद्रित बजट-बाद वेबिनार को संबोधित कर रहे हैं. यह वेबिनार उन 12 पोस्ट-बजट वेबिनार की सीरीज का हिस्सा है, जिनका आयोजन केंद्र सरकार कर रही है. इसके माध्यम से बजट में घोषित पहलों को लेकर विचारों और सुझावों को एकत्र किया जा सकेगा.
‘वन अर्थ, वन हेल्थ’
वेबिनार में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत केवल हेल्थ केयर तक सीमित नहीं है बल्कि एक कदम आगे बढ़कर कल्याण के लिए काम कर रहे हैं. इसलिए हमने दुनिया के सामने ‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ का विजन रखा है. देश में अच्छे और आधुनिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का होना बहुत जरूरी है.
सस्ता उपचार देना हमारी सरकार का लक्ष्य
आज देश में डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तैयार हो रहे हैं. इन सेंटरों में डायबिटीज, कैंसर और हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग की सुविधा है. हमारे यहां करीब 9 हजार जन औषधि केंद्र हैं और यहां बाजार भाव से बहुत सस्ती दवाएं उपलब्ध हैं. इससे गरीब और मिडिल क्लास परिवारों को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है.
क्रिटिकल हेल्थ इंफ्रा को छोटे शहरों तक ले जाया गया
पीएम मोदी ने कहा कि पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत क्रिटिकल हेल्थ इंफ्रा को छोटे शहरों और कस्बों तक ले जाया जा रहा है. छोटे शहरों में नए अस्पताल तो बन ही रहे हैं साथ ही हेल्थ सेक्टर से जुड़ा एक पूरा इको सिस्टम विकसित हो रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में 150,000 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तैयार किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “भारत में चिकित्सा उपचार को सस्ता बनाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है. आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के पीछे यही सोच है. इसके तहत चिकित्सा उपचार पर खर्च होने वाले लगभग 80,000 करोड़ रुपये बचाए गए थे.”
मेडिकल ह्यूमन रिसोर्स के लिए एक बड़ा कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में 260 से अधिक मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं. मेडिकल सीटों की संख्या 2014 के बाद आज दोगुनी हो चुकी है. मेडिकल कॉलेज के पास ही 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोलना मेडिकल ह्यूमन रिसोर्स के लिए एक बड़ा कदम है.
भारत के फार्मा सेक्टर ने पूरी दुनिया का जीता भरोसा
पीएम मोदी ने कोरोना काल को याद करते हुए कहा कि कभी-कभी आपदा भी खुद को साबित करने का अवसर लेकर आती है. कोविड काल में भारत के फार्मा सेक्टर ने जिस प्रकार से पूरी दुनिया का विश्वास हासिल किया है वो अभूतपूर्व है. इसे हमें पूंजीकृत करना ही होगा. हम निरंतर यह प्रयास कर रहे हैं कि भारत की विदेशों पर निर्भरता कम से कम हो. भारत में इलाज को सामर्थ्य बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है.
