नए साल पर पीएम मोदी ने किसानों को दिया तोहफा

नए साल पर पीएम मोदी ने किसानों को दिया तोहफा-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी ने नए साल के पहले गुरुवार को देश के छह करोड़ किसानों को उपहार के तौर पर पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत तीसरी किस्त किसानों के बैंक खाते में डालें. पीएम ने गुरुवार को तुमकूर में आयोजित एक कार्यक्रम में इस निधि को किसानों के खाते में भेजे. वहीं आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के किसान इस योजना का लाभ उठाने से वंचित रह हैं क्योंकि वहां के किसान अब तक इस योजना से नहीं जुड़ पाए हैं.

वहीं मोदी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 8 करोड़ वह किसान के खाते में पैसा जमा किया गया है. इतने कम समय में यह उपलब्धि हासिल करना बहुत बड़ी बात है. आज इस कार्यक्रम से एक साथ देश के 6 करोड़ किसान परिवारों के खाते में 12 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं.

जानिए क्या है किसान क्रेडिट कार्ड योजना और इसके लाभ

आपको बता दें कि मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले इस योजना की घोषणा की थी. इसके तहत किसान को सालाना 6,000 रुपये सीधे उसके अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है. तीन किस्तों के जरिए दो-दो हजार रुपये की राशि का भुगतान किया जाता है. इस योजना के तहत अबतक तीन किस्त के पैसे किसानों को दिए जा चुके हैं.

क्या है किसान सम्मान निधि योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की एक पहल है जिसमें 12 करोड़ छोटे और सीमान्त किसान जिनके पास 2 हेक्टेयर (4.9 एकड़) से कम भूमि है, उन्हें न्यूनतम आय सहायता के रूप में प्रति वर्ष 4 हजार रुपए तक मिलेगा. 1 फरवरी 2019 को भारत के 2019 अन्तरिम केंद्रीय बजट के दौरान पीयूष गोयलकि ओर से इस पहल की घोषणा की गई थी. इस योजना की लागत प्रति वर्ष 75,000 करोड़ रुपए होगी और यह दिसम्बर 2018 से लागू होगी. ₹ 6,000 प्रति वर्ष प्रत्येक पात्र किसान को तीन किश्तों में भुगतान किया जाएगा और सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाएगा.

योजना की शुरुआत साल 2018 के रबी सीजन से की गई . सरकार ने इसके लिए 20 हजार करोड़ रुपये अग्रिम बजटीय प्रावधान करा लिया है जबकि योजना पर सालाना खर्च 75 हजार करोड़ रुपये आने का अनुमान है. छोटे किसानों के लिए योजना बहुत उपयोगी साबित होने वाली है. बुवाई से ठीक पहले नगदी संकट से जूझने वाले किसानों को इस नगदी से बीज, खाद और अन्य इनपुट की उपलब्धता में सहूलियत मिल जाएगी. इन छोटे किसानों में ज्यादातर सीमान्त हैं, जिनका खेती से पेट भरना मुश्किल है.

इस योजना का लाभ दो हेक्टेयर खेती वाली जमीन से कम रकबा वाले किसानों को दिए जाने का प्रावधान है. राज्य सरकारें ऐसे किसानों की जोत के साथ उनके बैंक खाते और अन्य ब्यौरा केंद्र सरकार को मुहैया कराएंगी. उसकी पुष्टि के बाद केन्द्र सरकार ऐसे किसानों के बैंक खातों में सीधे धन जमा कराएगी. योजना की सफलता में डिजिटल प्रणाली की भूमिका अहम साबित हो रही है.