नई दिल्ली. तिआनजिन (चीन) में SCO Summit के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात ने Indo-China रिश्तों को नई दिशा दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, पीएम मोदी ने 2026 में भारत में होने वाली BRICS Summit के लिए शी जिनपिंग को आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए भारत की अध्यक्षता को पूरा समर्थन देने की बात कही।
भारत-चीन: प्रतिद्वंद्वी नहीं, विकास के साझेदार
बैठक में दोनों नेताओं ने यह दोहराया कि भारत और चीन ‘विकास के साझेदार’ हैं, ‘प्रतिद्वंद्वी’ नहीं। मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने और आपसी संबंधों को स्थिर बनाए रखने पर ज़ोर दिया गया। पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने माना कि दोनों देशों के लिए शांति, स्थिरता और आपसी सहयोग जरूरी है, खासकर एक मल्टीपोलर वर्ल्ड में।
Ladakh Disengagement और सीमा विवाद पर सहमति
विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, बैठक में पीएम मोदी ने सीमा इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर ज़ोर दिया। दोनों नेता पूर्वी लद्दाख से सैनिकों की सफल वापसी को लेकर संतुष्ट दिखे और सीमा विवाद के “न्यायपूर्ण, यथोचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान” के लिए प्रतिबद्धता जताई।
Kailash Manasarovar Yatra और Direct Flights की वापसी
मुलाकात में यह भी सहमति बनी कि कैलाश मानसरोवर यात्रा और भारत-चीन के बीच डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू करना रिश्तों को मज़बूत बनाने में अहम होगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को किसी “तीसरे देश के चश्मे” से नहीं देखा जाना चाहिए।
Terrorism और Fair Trade पर चर्चा
दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि आतंकवाद और निष्पक्ष व्यापार जैसे क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर साझा ज़मीन खोजने की जरूरत है। साथ ही पीएम मोदी ने SCO में चीन की अध्यक्षता को समर्थन देने की बात कही।
PM Modi की मुलाकात CCP नेता Cai Qi से भी
पीएम मोदी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के सदस्य Cai Qi से भी मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों पर अपना विज़न साझा किया और समर्थन मांगा। Cai Qi ने कहा कि चीन भी दोनों नेताओं की सहमति के अनुरूप रिश्तों को और मज़बूत करने के लिए तैयार है।
