पीएम मोदी ने बिहार से शुरू की 20,050 करोड़ की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना बोले हमारे गांव 21वी सदी के भारत, आत्मनिर्भर भारत की ताकत बनें

पीएम मोदी ने बिहार से शुरू की 20,050 करोड़ की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना बोले हमारे गांव 21वी सदी के भारत, आत्मनिर्भर भारत की ताकत बनें - Panchayat Times

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांवों को सशक्त और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बृहस्पतिवार को 20,050 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) का शुभारंभ किया.

इस योजना के उद्देश्यों में 2024-25 तक मछली उत्पादन अतिरिक्त 70 लाख टन बढ़ाना तथा 2024-25 तक मछली निर्यात से आय को 1,00,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है.

पीएमएमएसवाई को आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत वित्त वर्ष 2020-2021 से 2024-2025 की अवधि के दौरान सभी राज्यों में कार्यान्वित किया जाना है.

हमारे गांव 21वी सदी के भारत, आत्मनिर्भर भारत की ताकत बनें

पीएम ने कहा कि आज जितनी भी योजनाएं शुरू हुई हैं, उनके पीछे की सोच ये है कि हमारे गांव 21वी सदी के भारत, आत्मनिर्भर भारत की ताकत बनें. कोशिश ये है कि मछली पालन से जुड़े काम, डेयरी से जुड़े काम, शहद उत्पादन से जुड़े काम, हमारे गांव को और सशक्त करें.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बुधवार को एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा था कि पीएमएमएसवाई के अंतर्गत 20,050 करोड़ रुपये का निवेश मत्स्य क्षेत्र में होने वाला सबसे ज्यादा निवेश है.

इसमें से लगभग 12,340 करोड़ रुपये का निवेश समुद्री, अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि में लाभार्थी केन्द्रित गतिविधियों पर तथा 7,710 करोड़ रुपये का निवेश मत्स्यपालन ढांचे के लिए प्रस्तावित है.

देश के 21 राज्यों में योजना का शुभारंभ

पीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है. आज देश के 21 राज्यों में इस योजना का शुभारंभ हो रहा है. अगले 4-5 वर्षों में इस पर 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे. इसमें से आज 1700 करोड़ रुपए का काम शुरु हो रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि समंदर और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में मछली के व्यापार-कारोबार को ध्यान में रखते हुए, पहली बार देश में इतनी बड़ी योजना बनाई गई है. आजादी के बाद इस पर जितना निवेश हुआ, उससे भी कई गुना ज्यादा निवेश प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना पर किया जा रहा है.

पशुपालकों की मदद के लिए ‘ई-गोपाला’ एप लांच

पीएम ने पशुपालकों की मदद के लिए ‘ई-गोपाला’ एप लांच करते हुए कहा कि पशुओं की अच्छी नस्ल के साथ ही उनकी देखरेख और उसको लेकर सही वैज्ञानिक जानकारी भी उतनी ही ज़रूरी होती है. इसके लिए आज ‘ई-गोपाला’ एप शुरू किया गया है.

पीएम ने कहा कि ई-गोपाला एप एक ऐसा डिजिटल माध्यम होगा जिससे पशुपालकों को उन्नत पशुधन को चुनने में आसानी होगी, उनको बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी. ये एप पशुपालकों को उत्पादकता से लेकर उसके स्वास्थ्य और आहार से जुड़ी तमाम जानकारियां देगा.