नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आगामी केंद्रीय बजट 2026 को भारत की दीर्घकालिक सुधार यात्रा से जोड़ते हुए कहा कि सरकार का फोकस “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” पर है। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के अगले चरण में भारत लंबित चुनौतियों के लिए टिकाऊ और दूरदर्शी समाधान अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की नीतियां भारत की वैश्विक साख को मजबूत करने के साथ-साथ 140 करोड़ देशवासियों, खासकर युवाओं की आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर बनाई जा रही हैं। उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण का भी जिक्र करते हुए कहा कि इससे संसद के कामकाज की दिशा तय हुई है।
‘राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास और आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति’
पीएम मोदी ने कहा, “कल राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, उनकी क्षमताओं और विशेष रूप से युवाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।”
अगले 25 वर्षों की दिशा तय करेगा बजट
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने 21वीं सदी का एक-चौथाई हिस्सा पूरा कर लिया है और अब अगला 25 वर्षीय महत्वपूर्ण चरण शुरू हो रहा है, जिसका लक्ष्य 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनना है।
उन्होंने कहा, “21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। अब अगला चरण शुरू हो रहा है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह 25 साल बेहद अहम हैं।”
पीएम मोदी ने आगामी बजट को इस नए चरण का पहला बजट बताया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सराहना करते हुए कहा कि वह लगातार नौवीं बार बजट पेश करेंगी, जो किसी भी महिला वित्त मंत्री के लिए पहली बार होगा।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते का जिक्र
प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार
समझौते (FTA) को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का संकेत बताया।
उन्होंने कहा, “यह नया चरण बहुत सकारात्मक शुरुआत के साथ शुरू हुआ है। आत्मविश्वासी भारत आज दुनिया के लिए आशा की किरण बन गया है।”
पीएम मोदी ने इस समझौते को “महत्वाकांक्षी भारत के लिए मुक्त व्यापार, आकांक्षी युवाओं के लिए मुक्त व्यापार और आत्मनिर्भर भारत के लिए मुक्त व्यापार” करार दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय उद्योग और निर्माता इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएंगे।
करीब दो अरब आबादी वाले साझा बाजार को कवर करने वाला यह समझौता ऐसे समय आया है, जब वैश्विक स्तर पर व्यापार में अस्थिरता बनी हुई है।
सुधार एजेंडा और मानव-केंद्रित शासन
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की पहचान सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन से रही है और अब “रिफॉर्म एक्सप्रेस” तेजी से आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, “हम तकनीक को अपनाएंगे और उसकी क्षमता को स्वीकार करेंगे, लेकिन मानव-केंद्रित व्यवस्था से समझौता नहीं करेंगे।”
विपक्ष का तीखा हमला
प्रधानमंत्री के दावों पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी के बयान को “पाखंड से भरा” बताया और संसद की भूमिका को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “वह सर्वदलीय बैठकें नहीं बुलाते, आखिरी वक्त में बिल लाकर संसद से जबरन पास कराते हैं।”
आगे क्या
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश करेंगी, जिसमें देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति और अगले वित्त वर्ष का आउटलुक बताया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ बजट सत्र कुल 65 दिनों तक चलेगा, जिसमें 30 बैठकें होंगी। यह सत्र 2 अप्रैल को समाप्त होगा, जबकि बीच में बजटीय मांगों पर संसदीय समितियों की समीक्षा के लिए अवकाश रहेगा।
