नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली मेट्रो में सवार हुए. पीएम को डीयू शताब्दी समारोह के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था, जिसे 1 मई, 2022 को विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के अवसर पर शुरू किया गया था.
PM मोदी ने मेट्रो में छात्रों से की बात
मेट्रो के वीडियो में पीएम मोदी को एक आम यात्री के रूप में मेट्रो में बैठे और लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन से विश्व विद्यालय मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो की सवारी के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए देखा गया.
पीएम ने मेट्रो कोच के अंदर छात्रों के साथ अपनी बातचीत की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए ट्वीट किया, “युवाओं को अपने सह-यात्रियों के रूप में पाकर खुश हूं.”
DU के शताब्दी वर्ष समारोह में PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय था, जब दिल्ली यूनिवर्सिटी में सिर्फ 3 कॉलेज थे, अब 90 से ज्यादा कॉलेज हैं. एक समय था जब भारत नाजुक अर्थव्यवस्थाओं की सूची में आता था और आज ये दुनिया की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्था में है. आज DU में पढ़ने वाली लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने ऐसे समय में अपने 100 वर्ष पूरे किए हैं, जब देश अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रहा है. कोई भी देश हो, उसके विश्वविद्यालय, शिक्षण संस्थान, उसकी उपलब्धियों का सच्चा प्रतिबिंब होते हैं. DU की भी इन 100 वर्षों की यात्रा में कितने ही ऐतिहासिक पड़ाव आएं.
नूडल्स और मोमोज का न बदलें स्वाद
प्रधानमंत्री मोदी ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालयों द्वारा नवाचारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक रोडमैप तैयार करने के विषय पर बातचीत की. उन्होंने कहा कि सबकुछ पूरी तरह से मत बदलो. कुछ चीजों को वैसे ही छोड़ दें जैसे वे है.
नॉर्थ कैंपस में पटेल चेस्ट की चाय और नूडल्स, साउथ कैंपस में चाणक्य के मोमोज का उल्लेख करते हुए उन्होंने छात्रों से कहा कि आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका स्वाद नहीं बदलना चाहिए.
प्रधानमंत्री ने मेट्रो में यात्रा के दौरान अपने अनुभव साझा किए. पीएम मोदी ने कहा, “यहां के छात्रों की तरह, मैंने आज मेट्रो से यात्रा की. छात्रों के पास बात करने के लिए बहुत कुछ है. विज्ञान विषयों पर चर्चा से लेकर ओटीटी पर नई श्रृंखला तक, वे कोई भी विषय नहीं छोड़ते हैं.”
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कंप्यूटर सेंटर और प्रौद्योगिकी संकाय के भवन तथा विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में बनने वाले अकादमिक ब्लॉक की आधारशिला रखी.
