मन की बात में सरपंच की तारीफ, जल संरक्षण में किया अतुलनीय काम

कार्यक्रम में मोदी ने झारखंड के एक सरपंच की जमकर तारीफ की

हजारीबाग. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार ‘मन की बात’ के जरिये देशवासियों को संदेश दिया. प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण को एक आंदोलन बनाने की अपील की है. कार्यक्रम में मोदी ने झारखंड के एक सरपंच की जमकर तारीफ की है. पीएम ने हजारीबाग जिले के कटकसमंडी ब्लॉक की लुपुंग पंचायत के सरपंच दिलीप कुमार रविदास के जल संरक्षण के क्षेत्र में कामों को सराहा.

कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के लिए सरपंच को चिट्ठी लिखी थी. इसके बाद सरपंच ने भी उन्हें चिट्ठी लिखकर अपने काम के बारे में बताया. जिसमें सरपंच ने बताया कि, “मेरा नाम दिलीप कुमार रविदास है. पानी बचाने के लिए जब पीएम ने हमें चिट्ठी लिखी तो हमें विश्वास ही नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री ने हमें चिट्ठी लिखी है. जब हमने 22 तारीख को गांव के लोगों को इकट्ठा करके, प्रधानमंत्री की चिट्ठी सुनाई तो गांव के लोग बहुत उत्साहित हुए और पानी बचाने के लिए तालाब की सफाई और नया तालाब बनाने के श्रमदान करके अपनी भागीदारी के लिए तैयार हो गए. बारिश से पहले अब हमें पानी की कमी नहीं होगी. हमें प्रधानमंत्री ने सही समय पर आगाह कर दिया.”  झारखंड के मुख्यमंत्री ने भी इसके बाद ट्वीट किया है.

पूरी दुनिया में जलसंकट एक बड़ी समस्या बन रही है - Panchayat Times
प्रतीक चित्र

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव जीतने के बाद अपने दूसरे कार्यकाल में रविवार को अपने पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश की जनता को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘उनका यह कार्यक्रम लगभग चार महीने बाद हो रहा है. लंबे अंतराल के बाद आपसे संवाद करने का मौका मिला है.’ इस बार के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम ने स्वच्छता, जल संरक्षण और योग आदि मुद्दों पर बात की. उन्होंने जल संरक्षण पर जोर देते हुए जनता से तीन अनुरोध भी किए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में जल संकट की समस्या से निपटने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें भारत के लोगों पर हमेशा से विश्वास था कि वे उन्हें एक बार फिर वापस लाएंगे. आपातकाल, इसके परिणामों, लोगों के सुझाव जो हमेशा उनके समाधान के साथ उन्हें हैरान करते हैं, इन सब पर बोलने के साथ ही मोदी ने देश के विशाल हिस्सों में बड़े पैमाने पर सूखे से निपटने के लिए जल संरक्षण पर जोर दिया.