विदेशी परिंदों से गुलजार हुई पौंग झील

पौंग झील में डूबे उत्तर प्रदेश के युवक का शव बरामद-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

धर्मशाला. विश्व प्रसिद्ध पौंग झील में ठंड बढ़ने के साथ ही विदेशी पंरिदों की दस्तक से यह झील गुलजार होने लगी है. वन्य प्राणी विभाग द्वारा अभी तक की गई रुटीन गणना के मुताबिक पौंग झील में 43 प्रजातियों के 60 हजार से अधिक विदेशी परिंदे पहुंच चुके हैं. इन मेहमानों की सुरक्षा के लिए वन्य प्राणी विभाग भी पूरी तरह तैयार है.अवैध शिकार की रोकथाम के लिए टीमें बनाकर निगरानी की जा रही है.

विभाग द्वारा पौंग झील के एरिया में शिकारियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जो कि हर आने जाने वाले व्यक्ति पर नजर रख रहे हैं. अब जो भी पौंग झील का दीदार करने आएगा. उसे पहले एंट्री गेट पर अपनी रजिस्ट्रेशन करवानी होगी.

दुनिया की इस बेहतरीन वेटलैंड में पक्षियों की संख्या में हर साल रिकॉर्ड वृद्धि हो रही है. हजारों की संख्या में विदेशी पक्षी पौंग बांध जलाशय के आसपास डेरा डाल चुके हैं. इनकी चहचहाहट से क्षेत्र चहक रहा है. सात समंदर पार से पौंग झील पंहुचने वाले इन परिंदों को देखने के लिए पयर्टकों सहित स्थानीय लोग भी यहां पंहुच रहे हैं.

गौर हो कि साइबेरिया सहित अन्य देशों में जब तालाबों का पानी जम जाता है, तो ये पक्षी हजारों किलोमीटर की यात्रा कर भारत में आते हैं. जब यहां गर्मी शुरू होती है तो यह दोबारा अपने वतन को वापस लौट जाते हैं. मार्च तक पौंग बांध में पक्षियों की लगभग 103 प्रजातियां आती हैं.

साल 2018-19 में प्रवासी पक्षियों की संख्या 1 लाख 15 हजार 229 लाख रही थी. साल 2017-18 में 62 प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों की संख्या एक लाख 10 हजार 203 लाख रही थी. वेटलैंड में हर बार नए प्रवासी पक्षी आते हैं. दुनिया की सबसे सुंदर वेटलैंड में शुमार पौंग झील सेंट्रल एशिया के पक्षियों की पहली पसंद है.

पूरे विश्व के 60 फीसदी बारहेडिड गीज (हंस) प्रजाति के पक्षी पौंग झील पहुंच रहे हैं। पौंग बांध जलाशय में पहुंचने वाले पक्षियों में हंस प्रजाति के बार हेडिड गीज सहित कॉमनटील, नार्दन पटेल, कॉमनकूट, लिटल कोरमोरेंट, चिफचेफ, रुडी, शेल्डक, कॉमन, पोचार्ड, लिटिल, कोर्माेरेंट, स्पाट्विल, मलार्डबडर््, युरेशियन टीलमूरहेन ग्रेट इग्रेट पक्षी प्रमुख हैं.

उधर सहायक वन संरक्षक वन्य प्राणी धर्मशाला प्रदीप ठाकुर ने बताया कि इस झील में हर पखवाड़े पक्षियों की सामान्य गणना की जाती है, जबकि वार्षिक गणना 29 और 30 जनवरी को की जाएगी. यह माना जाता है कि जनवरी के अंत में झील में सबसे अधिक प्रवासी पक्षी आते हैं. अक्टूबर से अभी तक करीब 60 हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षी यहां पहुंच चुके हैं. यह झील एक प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य है। इन मेहमानों की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है.