शिमला (ग्रामीण). शिमला के अनाडेल इलाके से लापता हुए नौंवी कक्षा के छात्र पंकज कुमार की मौत की गुत्थी अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही खुल पाएगी. दरअसल पुलिस को अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिल पाया है जिसके आधार पर कहा जा सके कि छात्र ने आत्महत्या की है या फिर किसी ने उसे जान से मारने के बाद जंगल में फेंक दिया था.
दो नवंबर से लापता था पंकज
नौवीं में पढ़ने वाला पंकज दो नवंबर से घर से लापता था. छात्र किन हालात में घर से निकला, इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिली. पंकज की लाश मंगलवार को उसके घर के साथ लगते जंगल से बरामद की गई. यह लाश जंगल में ढांक के नीचे एक पेड़ में फंसी हुई थी. मामले में अब पुलिस जांच पर भी सवाल उठने लगे है.
जांच के वक्त पुलिस ने दावा किया था कि शहर में हर जगह पंकज की तलाश की जा चुकी है. लेकिन अचानक उसके घर के साथ लगते जंगल में लाश का मिलना पुलिस के दावे की हवा निकाल रहा है. पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है जिसके आधार पर कहा जा सके कि उसने आत्महत्या की है. साथ ही स्कूल में शिक्षकों और छात्रों से पूछताछ में भी ऐसा कुछ नहीं निकला है जिसके आधार पर कहा जा सके कि पंकज तनाव में था या उसकी किसी से लड़ाई हुई थी.
यह है पूरा मामला
फागली स्कूल में नौंवी कक्षा में पढ़ने वाला पंकज दो नवंबर की सुबह घर से स्कूल के लिए निकला था लेकिन स्कूल नहीं पहुंचा. शाम को जब घर नहीं आया तो पिता तेजराम ने उसकी तलाश शुरू कर दी. दो दिन तक खुद ही तलाश जारी रखी. बाद में थाने में शिकायत दी. थाना पुलिस ने भी तलाश शुरू की लेकिन पता नहीं चला. मंगलवार को पता चला कि एक लड़के का शव अनाडेल इलाके में ढांक के एक पेड़ में लटका हुआ है. पुलिस मौके पर पहुंची तो इसे नीचे निकाला. शिनाख्त के बाद पता चला कि यह लापता पंकज का ही शव है. शव काफी सड़ चुका था. ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल है कि इसे ढांक से फेंका गया या इसने खुद छलांग लगाई.