हिमाचल के इस इलाके में लगेगी आलू चिप्स की फैक्ट्री

नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र में शीघ्र ही आलू के चिप्स की फैक्ट्री लगाई जाएगी
प्रतीक चित्र

धर्मशाला. कृषि, जनजातीय विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राम लाल मारकंडा ने कहा कि नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र में शीघ्र ही आलू के चिप्स की फैक्ट्री लगाई जाएगी. जिसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा पांच करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है.

मारकंडा ने यह जानकारी सोमवार को कृषि विभाग एवं कृषि प्रौद्योगिकी प्रबन्ध अभिकरण (आतमा) कांगड़ा द्वारा सैणी पैलेस नगरोटा बगवां में आयोजित किसान सम्मान समारोह के अवसर पर बोलते हुए दी. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के आलू को चिप्स के लिए पूरे देश में जाना जाता है परन्तु यहां पर चिप्स की फैक्ट्री न होने के कारण उत्पादकों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल पाता है.

उन्होंने कहा कि जमीन की उपलब्धता होने पर शीघ्र ही इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे किसानों को उनके उत्पादन के बेहतर दाम प्राप्त होंगे. कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को पूरे साल सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है. प्रदेश मे सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए एक नई योजना ‘‘जल से कृषि को बल’’ शुरू की गई है. इसके तहत आगामी पांच वर्षों में 250 करोड़ रुपये खर्च कर पानी की कमी दूर करने के लिये चेक डैम एवं तालाबों का निर्माण किया जाएगा ताकि किसानों को सिंचाई के लिए सालभर पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो सके.

नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र में शीघ्र ही आलू के चिप्स की फैक्ट्री लगाई जाएगी
डॉ. राम लाल मारकंडा कार्यक्रम में लोगों से मिलते हुए

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उन्होंने कहा कि खेती की पैदावार का बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार सिंचाई के अंतर्गत सामूहिक सोलर लिफट पर शत् प्रतिशत् तथा व्यक्तिगत सौर सिंचाई योजना के तहत 90 प्रतिशत अनुदान प्रदान कर रही है. उन्होंने बताया कि किसानों की फसलों को जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से बचाने के लिए किसानों को व्यक्तिगत तौर पर सोलर बाड़ लगाने पर 80 प्रतिशत तथा सामूहिक रूप में सोलर बाड़ लगवाने पर 85 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त खेती को जानवरों से बचाने के लिए प्रदेश में 6 गौ-सदनों का निर्माण किया जा रहा है जिनके रखरखाव के लिए मंदिरों के चढ़ावे से 15 प्रतिशत तथा शराब की प्रत्येक बोतल की बिक्री से एक रुपये का सेस लेने का प्रावधान किया गया है ताकि लोगों का खेती की ओर अधिक रूझान बढ़ सके.

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहर मुक्त खेती को प्रोत्साहन देने के लिए अब रसायनों, उर्वरकों तथा कीटनाश्कों पर सब्सिडी खत्म की जायेगी. शून्य लागत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अब रसायनिक तथा जैविक खेती को बन्द किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खाद्य सुरक्षा प्रदान करती है बल्कि कई अन्य मायनों में भी सुरक्षित है. इसलिए राज्य सरकार ने इस ओर कार्य आरम्भ कर दिया है तथा प्रदेश के किसानों के हित के लिए 25 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान भी किया गया है. मारकंडा ने कृषि अधिकारियों से विभागीय योजनाओं को धरातल पर उतारने का आग्रह किया ताकि किसानों को आधुनिक तकनीकों के बारे जानकारी उपलब्ध हो सके. उन्होंने जिला स्तरीय किसान सम्मान समारोह के सफल आयोजन के लिए विभागीय अधिकारियों की तारीफ की.

नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र में शीघ्र ही आलू के चिप्स की फैक्ट्री लगाई जाएगी
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स्थानीय विधायक अरूण मेहरा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रासायनिक खेती में अधिक लागत आती है और इससे खेत खराब होते हैं और मानव, पशुओं तथा पर्यावरण के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से शुरू में उत्पादन बढ़ता है लेकिन कुछ वर्षों बाद उत्पादन में गिरावट आने लगती है जबकि प्राकृतिक खेती में उत्पादन लगातार बढ़ता है, फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और खेती की लागत कम होती है.

इस अवसर पर कृषि मंत्री ने सभी विकास खण्डों के किसानों तथा बागवानों द्वारा लगाई प्रदर्शनी का निरीक्षण किया तथा किसानों व बागवानों द्वारा रखे गए उत्पादों की सराहना की. इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कांगड़ा जिले के 40 सर्वश्रेष्ठ किसानों को 10-10 हजार रुपये तथा 5 उत्कृष्ट किसान समूहों को 20-20 हजार रुपये के नकद इनाम, स्मृति चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. इससे पूर्व हिमाचल प्रदेश विपणन बोर्ड के प्रबन्ध निदेशक डॉ. राकेश कौंडल ने मुख्यातिथि को सम्मानित किया.