प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सोरेन पर साधा निशाना

प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सोरेन पर साधा निशाना-Panchayat Times

रांची. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रतिपक्ष के नेता और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन की ट्विटर चौपाल को फर्जी चौपाल करार दिया है. शाहदेव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जिस तरीके का हाइप बनाने की कोशिश की, उससे लगा जैसे मानो ट्विटर ने हेमन्त को न्योता दिया हो. जबकि वास्तविकता में यह पूरी तरह प्रायोजित कार्यक्रम था.

बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए शाहदेव ने कहा कि महागठबंधन के प्रश्न पर हेमंत सोरेन ने कहा कि आगे बढ़ने के लिए कंकड़ पत्थर का भी प्रयोग किया जाता है, तो क्या हेमंत सोरेन की नजर में कांग्रेस, झारखंड विकास मोर्चा और राजद जैसे सहयोगी दलों की हैसियत सिर्फ कंकड़ और पत्थर जैसी है, जिसका वह प्रयोग करके फेंक देंगे. उन्होंने कहा कि हेमंत के सहयोगी दलों को भी शर्म आनी चाहिए कि वे जिस झामुमो की पूंछ पकड़कर चल रहे हैं, वह उनकी राजनीतिक हैसियत को कंकड़ पत्थर से ज्यादा नहीं समझता.

शाहदेव ने कहा कि झामुमो को यह बताना चाहिए कि उसने इस कार्यक्रम के लिए ट्विटर को कितना भुगतान किया. भाजपा ने इस पूरे ‘ट्विटर पर चौपाल’ कार्यक्रम को चुनाव से जुड़ा कार्यक्रम बताते हुए इसकी शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग से की है. पार्टी ने आयोग से इस कार्यक्रम को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है.

शाहदेव ने कहा कि यह पूरे तरीके से झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं को बुलाकर चौपाल का रूप देने का प्रयास किया गया, जो प्रश्न हेमंत को अच्छे लगते थे सिर्फ वही प्रश्न कुणाल षाड़ंगी चुन कर पूछ रहे थें. श्रोताओं के रूप में झामुमो कार्यकर्ताओं को बैठाया गया था और वही प्रश्न भी कर रहे थे. अगर चौपाल असली होती, तो हेमंत सोरेन के ऑफिशल टि्वटर हैंडल पर टैग किए गए. सोहराई भवन पर अवैध कब्जे की बात, स्थानीय नीति को परिभाषित नहीं किए जाने का प्रश्न उठता, बालू घाट को मुंबई के व्यापारियों के हाथ जाने की बात होती, सांसद रिश्वत कांड के दुबारा खुलने पर चर्चा होती, झामुमो के विधायक द्वारा आयोजित की जाने वाली किसिंग प्रतियोगिता पर पर भी उठाए गए प्रश्न को जरूर लिया गया होता. लेकिन ऐसा नहीं होकर यह साफ हो गया कि यह पूरे तरीके से प्रायोजित कार्यक्रम था.