रांची. आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह का रविवार को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया. वह कैंसर से जूझ रहे थे. 1998 बैच के अधिकारी ने रांची में बदमाशों और नक्सलवादियों को खूब रुलाया था. बता दें कि लंबे समय तक वह रांची के एसएसपी और डीआइजी रहे थे. वर्तमान में केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) में डीआइजी पद पर कार्यरत थे. प्रवीण मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले थे. वह उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल के दामाद भी थे. अपनी कार्यकुशलता के कारण वह लोगों में काफी पसंद किए जाते थे.

2009 से 2011 तक रांची में एसएसपी पद पर रहते हुए इन्होंने शहर को नक्सलियों और कुख्यात अपराधियों के कहर से बहुत हद तक मुक्त कराया था. सोमवार को प्रवीण सिंह का पार्थिव शरीर विशेष विमान से रांची लाया गया. रांची के एसएसपी कुलदीप द्विवेदी एयरपोर्ट पर खुद सारा मैनेजमेंट देख रहे थे. वहीं डीसी भी वहां मौजूद थे. इसके साथ कई पुलिस अधिकारी जो प्रवीण के साथ काम कर चुके थे वो भी एयरपोर्ट पहुंचे थे. प्रवीण सिंह के पार्थिव शरीर के साथ उनका पूरा परिवार उनके साथ था. ससुर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल भी रांची पहुच चुके हैं. सभी की आंखें नम थी, एयरपोर्ट पर ही सबने पार्थीव शरीर के अंतिम दर्शन किए.

एयरपोर्ट से प्रवीण सिंह का पार्थिव शरीर डोरंडा स्थित जैप 1 लाया गया. जहां उनके पार्थिव शरीर को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई. हेमंत सोरेन सीपी सिंह, रामचंद्र चंद्रवंशी सहित कई गणमान्य लोगों ने पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी. प्रवीण के रांची पोस्टिंग के दौरान उन्होंने दर्जनभर नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया था. 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया, दो सौ से अधिक को गिरफ्तार किया गया था. उनके इन एक्शन से रांची में अपराधियों में खौफ बैठ गया था. रांची पुलिस और जनता कभी भी प्रवीण के योगदानों को भूल नहीं पाएगी.