चीन अधिकृत तिब्बत के साथ लगते प्रदेश के बार्डर एरिया में कनेक्टिविटी में सुधार करना प्राथमिकता : जय राम ठाकुर

मुख्यमंत्री ने सरकाघाट क्षेत्र के लिए 94 करोड़ की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित कीं- Panchayat Times

धर्मशाला. कोरोना महामारी के बीच कांगड़ा दौरे पर वीरवार को धर्मशाला पंहुचे मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि चीन-तिब्बत सीमा के साथ लगते बॉर्डर एरिया में कनेक्टिविटी में सुधार करना सरकार की प्राथमिकता है. उसे बारे बार-बार बताना जरूरी नहीं. उन्होंने कहा कि सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रोहतांग सुरंग का उद्घाटन आगामी सितम्बर माह के अंतिम सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि 3200 करोड़ से बनकर तैयार हो रही नौ किलोमीटर की यह सुरंग चीन के अधिकृत क्षेत्र तिब्बत की सीमा तक पंहुचने में सेना के लिए एक सुगम और महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश के किन्नौर और लाहौल स्पिति जिलों के साथ तिब्बत की सीमाएं लगती हैं. लेह के पास सीमा में भारत और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सभी सीमा क्षेत्रों को अलर्ट किया गया था. केंद्र के दिशा-निर्देशों के चलते प्रदेश सरकार ने भी पांच आईपीएस अधिकारियों का दल भेजा था. इस दल ने इन क्षेत्रों में रह रहे लोगों से मिलकर वहां की हर तरह की गतिविधियों की रिपोर्ट बनाकर केंद्र सरकार को भेजी गई है.

मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों के पलायन की खबरों को आधारहीन बताते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है. वहां के लोग बिना किसी डर के वहां रह रहे हैं. वह देश भक्त लोग हैं तथा देश के लिए कुछ भी करने के लिए सदैव तैयार हैं.

उन लोगों का कहना है कि वह देश के काम आएं ये हमारा सौभाग्य है. उनके विकास के कुछ मुद्दे हैं उन पर बातचीत चल रही है. कुछ सेंसटिव मुद्दे हैं उन पर ज्यादा चर्चा नहीं होनी चाहिये. इन क्षेत्रों में अधिकतर आईटीबीपी तैनात जिसे सरकार हर तरह का सहयोग कर रही है. सीमावर्ती क्षेत्रों में जहां तक हैलीपेड बनाने की बता है उसे लेकर वहां तैनात आईटीबीपी अपने स्तर पर काम करेगी। प्रदेश सरकार उन्हें पूर्ण सहयोग देगी.

वहीं प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेशक कोरोना का माहौल है लेकिन यह चुनाव समय पर ही सम्पन्न करवाए जाऐंगे. कोरोना महामारी के चलते राज्य में बंद पड़े मंदिरों को खोलने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल 31 अगस्त तक मंदिरों को खोलने का कोई विचार नहीं है.

वहीं इससे पूर्व मुख्यमंत्री के चार दिवसीय कांगड़ा दौरे पर गगल हवाई अड्डा पंहुचने पर उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों सहित विधायकों व अन्य पार्टी नेताओं ने जोरदार स्वागत किया.