प्रिया शर्मा बनी राजस्थान की तीसरी फाइटर पायलट

प्रिया शर्मा बनी राजस्थान की तीसरी फाइटर पायलट
प्रिया शर्मा बनी राजस्थान की तीसरी फाइटर पायलट

झुंझुनू. झुंझुनू जिले के बेटे ही नहीं बेटियां भी दुश्मनों से लोहा लेने में पीछे नहीं हैं. देश में हर क्षेत्र में इस जिले की बेटियों ने अपना नाम रोशन किया है. इसमें अब एक और बेटी का नाम जुड़ गया है. मोहना सिंह के बाद झुंझुनू की एक और बेटी ने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने के बाद मिली कैंपस प्लेसमेंट की नौकरी को ठोकर मारकर अब देश सेवा का संकल्प ना केवल लिया है, बल्कि उसमें एंट्री भी कर दी है.

झुंझुनू जिले के पिलानी के पास घुमनसर कलां के रहने वाले सीरी से रिटायर्ड टेक्निशियन मदनलाल शर्मा की पोती और वायु सेना में कार्यरत स्क्वाड्रन लीडर मनोज शर्मा की लाडली प्रिया शर्मा फाइटर पायलट बन गई है. वह देश की सातवीं, राजस्थान की तीसरी और झुंझुनू की दूसरी महिला है, जो फाइटर प्लेन उड़ाएंगी. हैदराबाद के डींडीगुल की एयरफोर्स अकादमी में कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड के बाद 139 कैडेट पास आउट हुए, उसमें प्रिया शर्मा भी एक थी.

प्रिया शर्मा बनी राजस्थान की तीसरी फाइटर पायलट-Panchayat Times
फायटर प्लेन उड़ाने वाली राजस्थान की तीनों महिला पायलट

बचपन से उड़ान भरने का सपना देख रही प्रिया शर्मा ने एमएनआईटी जयपुर से बीटेक किया और बीटेक करते ही एयरफोर्स में फाइटर पायलट बनने का आवेदन कर दिया. प्रिया के पिता मनोज कुमार भी एयरफोर्स में स्कवाड्रन लीडर हैं और फिलहाल बीकानेर में कार्यरत हैं. प्रिया के भाई अंशुल एम्स जोधपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है.

आज जब यह खबर गांव में पहुंची तो गांव में खुशी का ठिकाना नहीं था. गांव में मिठाई बांटी गई और खुशियां मनाई गई. परिजनों के मुताबिक प्रारंभिक पढ़ाई पिलानी में करने के बाद प्रिया शर्मा ने सीनियर जोधपुर केंद्रीय विद्यालय से की. इसके बाद कोटा और जयपुर में पढ़ाई की. इस दौरान उसका कैंपस प्लेसमेंट हो गया था और एक अच्छी खासी नौकरी भी मिल गई थी. लेकिन, पिता को वायु सेना में, चाचा को आर्मी में और बुआ को सीआरपीएफ में देखकर उसने भी मन में ठान लिया था कि जाएगी तो सेना में ही और उड़ाएगी लड़ाकू विमान.

आखिरकार प्रिया शर्मा की जिद सकारात्मक दिशा में बढ़ी और वह देश की सातवीं, प्रदेश की तीसरी और झुंझुनू की दूसरी महिला फाइटर पायलट बनी है. चार चरणों में चली ट्रेनिंग के बाद प्रिया ने यह मुकाम हासिल किया है. जो पूरे देश के लिए मिसाल बना है. आपको बता दें कि झुंझुनू जिले के पापड़ा गांव की बेटी मोहना सिंह भी लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं.