प्रो. पाल सहित चार को प्रेरणा स्रोत सम्मान, कुमारी आंचल बनीं ‘हिमाचल गौरव’

शिमला. ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में भव्य परेड आयोजित की गई. परेड का नेतृत्व डीएसपी अमित ठाकुर ने किया. परेड में हिमाचल पुलिस, पुलिस बैंड, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएसऔर स्काउट एंड गाईड की 14 टुकड़ियों ने हिस्सा लिया. प्रो. पाल सहित चार को प्रेरणा स्रोत सम्मान मिला है.

मौके पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला ने लोक नृत्य, सांस्कृतिक दल किन्नौर ने किन्नौरी लोक नृत्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लक्कड़बाजार ने चम्बा का लोक नृत्य, आईटीबीपी की ओर से वेपन डिस्पले, लोक नृत्य दल मंडी की ओर से लोक नृत्य लुड्डी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर द्वारा पश्चिम बंगाल लोका नृत्य, लोक नृत्य दल बिलासपुर की तरफ से रूकमणि लोक नृत्य, हिमाचल पुलिस विभाग की ओर से साईबर क्राईम जागरूकता पर लघु नाटक और लोक सांस्कृतिक दल सिरमौर की तरफ से सिंहटू लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया.

मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला प्रशासन कुल्लू को सिविल सर्विस अवार्ड प्रदान किया. यह पुरस्कार उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने प्राप्त किया.

नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद के. पाल सहित चार को प्रेरणा स्रोत सम्मान 

नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद के पाल, निदेशक एम्स, नई दिल्ली डा. रणदीप गुलेरिया, पुरातात्विक उत्खनन शोधकर्ता डॉ. ओमचंद हांडा और चिन्मय आॅरगेनाईजेशन फाॅर रूरल डेवलपमेंट धर्मशाला को प्रेरणा स्रोत सम्मान प्रदान किया गया.

कुमारी आंचल ठाकुर को हिमाचल गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया.

कुल्लू जिला को सिविल सर्विस अवार्ड

सिविल सर्विस अवार्ड जिला प्रशासन कुल्लू को प्रदान किया गया. जिला प्रशासन कुल्लू द्वारा वर्ष 2017 में पर्यटकों की सुविधा के लिए ‘गो कुल्लू’ परियोजना के तहत वेबसाईट तैयार की गई. इस वेबसाईट में कुल्लू जिला के इतिहास, प्रशासन, भौगोलिक स्थिति, पर्यटन स्थलों, स्थानीय व्यंजन, साहसिक पर्यटन, मंदिरों, मेलों एवं त्यौहारों से संबंधित हर तरह की जानकारियां उपलब्ध करवाई गई हैं.

इस परियोजना की विशेषता यह है कि यदि कोई ट्रैकर, दूर-दराज क्षेत्रों में खो जाए या किसी भी विपरीत परिस्थिति में फंस जाए, तो इस वैबसाईट के माध्यम से हमव.जतमाापदह ेलेजमउ की मदद से उसे खोजा जा सकता है.

प्रो. विनोद के. पाॅल, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला से संबंध रखते हैं. शोधार्थी एवं चिकित्सा जगत की जानीमानी हस्ती प्रो. पाॅल 1985 से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में शिशु चिकित्सा विभाग में कार्यरत रहे हैं और वर्ष 2008 से इस विभाग के विभागाध्यक्ष रहे.

वर्तमान में इनको भारत के नीति आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है. प्रो. विनोद स्वास्थ्य एवं शिशु स्वास्थ्य के कार्यक्रम के सह-अध्यक्ष व संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ से जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य पर चलाए जा रहे सहस्त्राब्दी प्रोजेक्ट के विशेष कार्यबल के सदस्य भी हैं. प्रो. विनोद मिड-डे-मील के लिए नई पोषण दिशा-निर्देश समिति के अध्यक्ष भी हैं.

डाॅ. रणदीप गुलेरिया, हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा से संबंध रखते हैं. डाॅ.रणदीप गुलेरिया ने चिकित्सा जगत में नए आयाम स्थापित किए हैं. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में भारत के प्रथम पलमोनरी मेडीसन एवं निद्रा विकार विभाग को स्थापित करने का श्रेय डा. रणदीप गुलेरिया को जाता है.

डाॅ. रणदीप गुलेरिया, विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से रोग प्रतिरोधक एवं इन्फ्लुएंजा की रोकथाम पर चलाए जा रहे कार्यक्रम के विशेषज्ञ वैज्ञानिक सलाहकार संगठन के सदस्य हैं. डा. रणदीप गुलेरिया भारतीय चिकित्सा संघ, भारतीय श्वसन एवं राष्ट्रीय श्वसन चिकित्सा काॅलेज के जीवन पर्यन्त सदस्य भी हैं.

डाॅ. ओम चन्द हांडा, हिमाचल प्रदेश के पुरातात्विक उत्खनन के क्षेत्र में एक जाना माना नाम है. इनका जन्म दो अक्तूबर, 1936 को हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में हुआ. इन्होंने अपना पूरा जीवन इतिहास, कला और संस्कृति से संबद्ध छानबीन, खोज, शोध एवं लेखन में व्यतीत किया. तीन दर्जन शोधपूर्ण पुस्तकों के रचयिता डाॅ. ओम चंद हांडा वर्ष 1990 से 1992 और वर्ष 2002 से 2004 तक इंडियन काउंसिल आॅफ हिस्टोरिकल रिसर्च के फैलो और अन्य अनेक पदों पर  रहे हैं. डॉ संजौली ने शिमला में स्टडी सेंटर की स्थापना की थी. आज यह शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है.

चिन्मय ग्रामीण विकास संगठन  गत 33 वर्षों से ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्य कर रही है. इसका कार्यक्षेत्र देश के लगभग 1000 गांवों में फैला हुआ है, जिसमें हिमाचल प्रदेश में जिला कांगड़ा व चम्बा के 700 गांव, उड़ीसा, तमिलनाडु, पंजाब, उत्तराखंड और आंध्रप्रदेश के 300 गांव शामिल हैं.

इस संस्था ने विस्तृत बहुमुखी विकास का पंचायत स्तरीय माॅडल तैयार कर इसे कार्यान्वित किया. काॅर्ड ने विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत संगठनों को ग्रामीण क्षेत्र में वार्ड स्तर पर, संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

आज काॅर्ड संस्था, ग्रामीण विकास के विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से लगभग 50 हजार व अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2,50,000 ग्रामीण लोगों के साथ कार्यरत है.

कुमारी आंचल को हिमाचल गौरव पुरस्कार 

कुमारी आंचल ठाकुर का जन्म 28 अगस्त, 1996 को कुल्लू जिला के बुरूआ गांव में हुआ. आंचल ठाकुर ने वर्ष 2017 में तुर्की मंे आयोजित अंतर्राष्ट्रीय स्कीइंग प्रतिस्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक हासिल किया. कुमारी आंचल ठाकुर स्कीइंग प्रतिस्पर्धा में किसी भी प्रकार का अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाली देश की प्रथम खिलाड़ी हैं. इससे पूर्व भी आंचल ठाकुर कई देशों में स्कीइंग प्रतिस्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं

आंचल ठाकुर, वर्तमान में कोरिया के प्यांग चांग में आयोजित होने वाली शीतकालीन ओलम्पिक प्रतिस्पर्धा 2018 की तैयारी के लिए यूरोप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं.