प्रॉपर्टी टैक्स अदा करने से होगा अधिक विकास: मुख्यमंत्री

प्रॉपर्टी टैक्स अदा करने से होगा अधिक विकास: मुख्यमंत्री-Panchayat Times

करनाल. मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार सुबह नई अनाज मंडी में करनाल राईस मिल एसोसिएशन की ओर से आयोजित स्वागत कार्यक्रम में आढ़तियों द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स कम करने की मांग पर कहा कि आप सभी तो सक्षम व्यक्ति हैं, प्रॉपर्टी टैक्स तो कम ही है. यदि प्रोपर्टी टैक्स निगम में ज्यादा एकत्रित होगा तो विकास और अधिक होगा. सभी को समय पर टैक्स भरना चाहिए.

हरियाणा राईस मिल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विनोद गोयल और हंसराज गोयल ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांग रखी कि जो वर्ष 2004 से अनाज मंडी में 92 दुकानों का मालिकाना हक नहीं मिला है, आढ़तियों को उनका हक दिया जाए, इसी प्रकार 9 दुकानें जिनकी मार्किट फीस जमा हो चुकी है. उनका मामला भी निपटाया जाए. इसके अतिरिक्त वर्ष 1998 में कुछ दुकानें अलॉट की गई थी. जिनका 25 प्रतिशत पैसा जमा हो चुका है. उनका मामला भी संज्ञान में लाया गया.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी आढ़ती और राईस मिल एसोसिएशन की समस्या है उनको आपसी सहमति से सुलझा लिया जाएगा और उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा. राईस मिलर्ज एसोसिएशन के प्रधान विनोद गोयल ने मुख्यमंत्री के सामने मांग रखी कि सीएमआर चावल जो मिलर्ज की ओर से एफसीआई डिपो में दिया जाता है. मिलर्ज को डिपो में 20 प्रतिशत चावल देना होता है उसे 30 जून, 2019 तक बिना होल्डिंग चार्जिज के निर्धारित किया जाए. एफसीआई डिपो में 12 नवम्बर, 2018 को सीएमआर चावल लेना आंरभ हुआ, उसके बाद भी एफसीआई में वर्कस टू प्रोग्राम चल रहा था जिस कारण 30 नवम्बर तक निर्धारित 20 प्रतिशत में से केवल 3 प्रतिशत ही चावल लग सका.

उन्होंने बताया कि 12 नवम्बर को सीएमआर चावल डिलीवरी का कार्य आरंभ हुआ, जिसके कारण समय पर उचित डिलीवरी नहीं हो सकी. आढ़ती ने मुख्यमंत्री के सामने मांग रखी कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश का मौसम, पर्यावरण तकरीबन एक जैसा है, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जीरी से चावल की निकासी का अनुपात 100 में से 64 किलो क्षमता की गई जबकि हरियाणा में यह निकासी अनुपात 67 किलो है. इसे हरियाणा में भी घटाकर 64 किलो किया जाए. इससे राईस मिलर्ज के साथ-साथ प्रदेश के किसानों को भी लाभ मिल सकेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.