नये श्रम कानून के खिलाफ आयकर विभाग पर प्रदर्शन

जमशेदपुर. आयकर विभाग, जमशेदपुर कार्यालय के प्रांगण में कर्मचारियों ने भोजनावकाश के दौरान शुक्रवार को सरकार कि ओर से लाए जा रहे नए श्रम कानून 2019 के खिलाफ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की. विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व आयकर कर्मचारी संघ, जमशेदपुर यूनिट के सचिव अविनाश कुमार और अध्यक्ष और नरेंद्र कर्ण ने किया.

यूनिट सचिव अविनाश कुमार ने सभा को संबिधित करते हुए 44 श्रम कानूनों को चार श्रम कोड या लॉ में समायोजन को केंद्रीय सरकार की एक छिपी हुई चाल बताया. उन्होंने कहा कि कर्मचारी यूनियन को कमजोर या समाप्त करने की साजिश की जा रही है। इसके विरोध में सबको आना पड़ेगा.

सभा की अध्यक्षता करते हुए नरेंद्र कर्ण ने सभी कर्मचारियों को आने वाले दिनों में एकजुटता दिखाने का आह्वान किया. उन्होंने कर्मचारियों को 56जे जैसे नियमों जिसमें 30 या 55 वर्ष की नौकरी में बांध कर नौकरी से असमय बेदखल करने के केंद्रीय सरकार की साजिश के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया.

सभा को प्रदेश संगठन सचिव संतोष चौबे ने भी संबोधित किया और श्रम कानूनों में बदलाव से बाद में होने वाले दुष्प्रभाव पर वृस्तित रूप से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि 44 श्रम कानून ऐसे ही नहीं बने. प्रत्येक क़ानून और एक्ट बनाने के पीछे मजदूर और कर्मचारियों को शोषण से बचाना था. 44 कानून मजदूरों और कर्मचारियों का पिछले 70 से 80 वर्षों के आंदोलन का नतीजा है. आज सरकार इन कानूनों को हटा के चार कोड में समाहित कर रही है. इस क्रम में इन कानूनों में निहित कई मजदूर और कर्मचारी हित की बातें हटा रही है.

सरकार ये सब बाहरी इन्वेस्टर्स को खुश करने के लिए कर रही है जो कर्मचारी और देश हित में नहीं होगा. सरकार कर्मचारी संगठन का गठन, बिना नोटिस कर्मचारी हटाना, अपरेंटिस शिप, ओवरटाइम, भविष्य निधि, महिला कार्यावधि आदि कई क्षेत्रों में बदलाव ला रही है. सभा में उपस्थित प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कुमार, पूर्व सचिव प्रवीण चौहान और मनोज सिन्हा सहित अन्य कर्मचारियों ने भी अपने विचार रखे.