दिल्ली: संसद भवन मार्ग पर रेप के विरोध में दिखा लोगों का गुस्सा

नई दिल्ली. कठुआ और उन्नाव में हुई झकझोर देने वाली घटना के बाद पूरे देश में लोगों का गुस्सा देखा जा रहा है. दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश, अहमदाबाद और कोच्चि समेत लोग सड़क पर उतरकर जम्मू कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुए गैंगरेप के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं.

8 साल की मासूम के साथ-साथ हमारी संवेदनाओं का भी क़त्ल हो गया

रविवार को देश की राजधानी में भी रेप के खिलाफ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. संसद भवन मार्ग पर  सिविल सोसायटी की ओर से विरोध प्रदर्शन हुआ. जिसमें भारी संख्या में लोग इकठ्ठा हुए और एक साथ रेप के खिलाफ़ आवाज़ उठाई. इस प्रदर्शन में देश के अलग-अलग हिस्सों और विश्वविद्यालयों, जवाहर लाल यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया यूनिवर्सिटी के छात्र और शिक्षक पहुंचे. इनके अलावा सुप्रीम कोर्ट के कई वकील भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए.

इस प्रदर्शन में लोगों ने अपने-अपने तरीके से विरोध जताया. कोई गाने के माध्यम से, कोई कविताओं के ज़रिए तो कोई कहानी सुनाकर अपना गुस्सा ज़ाहिर कर रहा था. ऐसा ही गुस्सा निर्भया काण्ड के समय देखा गया था. जब देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग सड़क पर उतर आए थे. दिल्ली के संसद भवन मार्ग पर ‘नॉट इन माई नेम’ के नाम से हुए प्रोटेस्ट में प्रोफेसर दानिश इकबाल ने सआदत हसन मंटो की कहानी ‘शरीफन’ का ज़िक्र किया. उन्होंने बंटवारे के समय के दर्द को मंटो की कहानी ज़रिए बयां किया. उन्होंने कहा आज भी देश उन हालातों से गुज़र रहा है. आज सांझीराम और बाक़ी के आरोपी उसी का उदाहरण है.

‘मेरी हो सकती है हत्या’

पीड़ित परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहीं अधिवक्ता दीपिका सिंह राजावत भी इस प्रदर्शन में पहुंची. दीपिका ने कहा कि उन्होंने देखा है कि किस तरह से उस 8 साल की बच्ची को इलेक्ट्रिक शॉक दिए गए, पत्थर से मारा गया. मैं भी 5 साल की बेटी की मां हूं. मेरी बेटी जब स्कूल जाती है तो मैं दिल को ऐसे पकड़ लेती हूं, कि वो वापस सही सलामत आए.

दीपिका ने पीएम मोदी से सवाल किया कि जम्मू में बीजेपी के दो एमएलए आरोपियों को पूरा समर्थन दे रहे हैं. वो कहते हैं कि जो पकड़े गए हैं उन्हें भी छुड़वा लिया जाएगा और बाकी की गिरफ्तारी नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि मुझे एंटी हिंदू बोला जाता है. लेकिन इस केस को लड़ने के लिए मैं औरत हूं यह काफ़ी नहीं है क्या.

सत्ता की हनक और रसूखदारों पर कौन सा यूपीकोका लगना चाहिए

दीपिका राजावत ने कहा कि उन्हें धमकियां दी जा रही हैं. कल को जब मामला शांत हो जाएगा, तो मुझसे भी ज़बरदस्ती की जा सकती है या फिर मेरी हत्या करवाई जा सकती है. लेकिन बावजूद इसके मैं पीछे नहीं हटूंगी.  

आम आदमी पार्टी ने भी जताया विरोध

वहीं सिविल सोसाइटी के प्रदर्शन के बीच दिल्ली में सत्ता पर काबिज़ आम आदमी पार्टी ने भी दिल्ली के पटेल चौक मेट्रो स्टेशन से कैंडल मार्च निकाला. जिसमे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद थे. इन लोगों का आरोप था कि केंद्र की मोदी सरकार महिला मुद्दे समेत सभी मामलों में फेल हुई है. इन लोगों ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की.

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चढ्ढा ने कहा ” जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी के नेता इस मामले में फंसते नजर आ रहे हैं, उस मामले में इंसाफ की गुहार लगाने हम प्रधानमंत्री निवास का घेराव करने जा रहे हैं. महिलाओं के साथ जो अत्याचार हो रहा है, उसे बंद कराया जाए.”

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