शिमला. हिमाचल में विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेन्द्र राजपूत ने शुक्रवार को बताया कि भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक संपति एवं सार्वजनिक परिसर की दीवारों पर लिखने, पोस्टर अथवा पेपर लगाने, किसी भी प्रकार से संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कटआउट, होर्डिंग, बैनर तथा झंडे इत्यादि लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
न्यायालय के आदेशों पर ऐसा किया जा सकता है
राजपूत ने आगे कहा कि यदि स्थानीय कानून किसी सार्वजनिक स्थान की दीवार पर नारा लेखन, पोस्टर इत्यादि लगाना अथवा कटआउट, होर्डिंग, बैनर या राजनीतिक विज्ञापन लगाने की अनुमति, भुगतान या अन्य किसी आधार पर देता है तो ऐसा न्यायालय के आदेशों एवं कानून के प्रावधानों के अनुसार किया जा सकता है. यह सुनिश्चित बनाना होगा कि ऐसा स्थान किसी विशेष दल अथवा उम्मीदवार के आधिपत्य में न रहे. इस संबंध में सभी दलों और उम्मीदवारों को बराबर अवसर प्रदान किया जाएगा.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यदि स्थानीय कानून निजी संपत्ति की दीवारों पर लिखने, पोस्टर चिपकाने अथवा ऐसे कार्य की अनुमति नहीं देते जिससे संपत्ति खराब होती हो और जिसे हटाया न जा सके, तो इसकी अनुमति संपत्ति के मालिक की सहमति के बाद भी नहीं दी जाएगी.
झंडा लगा सकते हैं
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल, उम्मीदवार, उनके एजैंट, कार्यकर्ता और सहयोगी अपने परिसर में चुनाव चिन्ह दर्शाता एक झंडा लगा सकते हैं. किन्तु ऐसा वे अपनी इच्छा से और किसी भी दल, संस्था और व्यक्ति के दबाव के बिना करेंगे. ऐसा करने से किसी को भी परेशानी नहीं होनी चाहिए. किसी भी निजी संपत्ति पर राजनीतिक विज्ञापन दर्शाता कोई भी होर्डिंग, बैनर अथवा कटआउट नहीं लगाया जा सकेगा.
लिखित रूप से अनुमति लेनी होगी
राजपूत ने कहा कि स्थानीय कानून के अनुसार यदि उम्मीदवार अथवा राजनीतिक दल किसी निजी संपत्ति पर पोस्टर, बैनर, होर्डिंग इत्यादि लगाएंगे तो ऐसे में उन्हें संपत्ति के मालिक से लिखित में अनुमति प्राप्त कर इसकी प्रति निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करवानी होगी. विशेष अभियान पर किया गया खर्च उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा.
उम्मीदवार ऐसी सूचना ग्राम/इलाका/शहर के अनुसार निर्वाचन अधिकारी अथवा प्राधिकृत अधिकारी को अनुमति मिलने के तीन के भीतर उपलब्ध करवाएंगे ताकि चुनाव से संबंधित कोई भी अधिकारी अथवा पर्यवेक्षक इसकी आसानी से जांच कर सके.
प्रचार सामग्री स्वयं हटाएंगे
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल/संस्था/उम्मीदवार/व्यक्ति स्थानीय कानून अथवा उपरोक्त दिशा निर्देशों की अवहेलना कर किसी भी प्रकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी दोषी को नोटिस जारी कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं को हटाने के लिए कहेगा. यदि इस दिशा में उचित कार्रवाई नहीं की जाती तो अधिकारी इन पोस्टरों, बैनरों, होर्डिंग इत्यादि को स्वयं हटाएंगे और इसका खर्चा दोषी राजनीतिक दल/संस्था/उम्मीदवार/व्यक्ति से वसूला जाएगा और यह खर्च उम्मीदवार के चुनाव खर्च में शामिल किया जाएगा. दोषी के विरुद्ध कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी.
गाड़ियों पर इस तरीके से कर सकता है प्रचार सामग्री का प्रयोग
उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कोई भी व्यावसायिक वाहन किसी भी प्रकार का झंडा अथवा स्टीकर तभी प्रयोग कर सकता है जब यह वाहन वैध रूप से चुनाव अभियान में प्रयोग में लाया जा रहा हो और इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी/निर्वाचन अधिकारी से अनुमति प्राप्त की गई हो। यह अनुमति वाहन के अगले शीशे पर दर्शानी होगी. चुनाव प्रचार के लिए जिन वाहनों में बदलाव किया गया है अथवा विशेष अभियान के लिए प्रयोग में लाया जाने वाले वीडियो रथ वाहन इत्यादि का प्रयोग मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत सक्षम अधिकारियों से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ही किया जा सकता है.