लोक निर्माण विभाग को सड़क की मरम्मत के लिए 50 करोड़ की राशि जारी

लोक निर्माण विभाग को सड़क की मरम्मत के लिए 50 करोड़ की राशि जारी
फाइल फोटो
शिमला. प्रदेश में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और विभिन्न स्थानों में ब्लैक स्पॉट में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार कि ओर से 50 करोड़ रुपए की राशि लोक निर्माण विभाग को दी गई है. यह जानकारी शुक्रवार को मुख्य सचिव बी.के अग्रवाल ने प्रदेश में सड़क सुरक्षा स्थिति के संबध में बुलाई गई समीक्षा बैठक की. अध्यक्षता करते हुए विधानसभा समिति कक्ष में दी.
उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट की जांच और मरम्मत कार्य कर जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपे. सड़क सुरक्षा के प्रति किसी प्रकार की कोताही अथवा समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा सड़क सुरक्षा नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग को लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में सख्ती बरतने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि सम्बन्धित विभाग चालकों के कार्य में निपुणता लाने तथा गुणवतापूर्ण सड़क सुरक्षा नियमों की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के उद्देश्य से ड्राइविंग ट्रैनिंग स्कूलों में प्रशिक्षण के बाद ही ड्राइविंग लाइसैंस जारी करे. परिवहन विभाग प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में चालकों व ड्राईविंग स्कूलों को सड़क सुरक्षा नियमों तथा वाहन चलाने से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से समय-समय पर प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करे.
उन्होंने पुलिस विभाग को नशे की स्थिति में वाहन चलाने, सीट बैल्ट न बांधने, ओवर स्पीड, हेलमेट का प्रयोग न करने बारे, जांच व निगरानी कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सम्बन्धित विभाग प्रदेश में विभिन्न निजी स्कूलों द्वारा चलाई जा रही स्कूली बसों के लिए गाईडलाईन तय करें. इन दिशा निर्देशों को शिक्षा विभाग, आई.सी.एस.सी तथा सी.बी.एस.सी से मान्यता प्राप्त स्कूलों को भी अवगत करवाए.  इन निर्देशों की अनुपालना न करने की स्थिति में विभाग द्वारा ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्ध कर दी जाएगी.
 उन्होंने कहा कि सभी निजी स्कूलों द्वारा चलाई जा रही स्कूल बसों की जांच अप्रैल महीने तक करवाना सुनिश्चित करें. विभागीय अधिकारी स्कूल बस से सम्बन्धित विवरण प्रधानाचार्य और स्कूल प्रबंधन से लेना सुनिश्चित करें जिसमें बस की स्थिति, बस चालक और परिचालक का पूर्ण विवरण व लाइसेंस की स्थिति अंकित की गई हो.
बैठक में पुलिस महानिदेशक सीता राम मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार, प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, के.के पंत, एच.आर.टी.सी प्रबंध निदेशक संदीप भट्नागर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.