रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोंरेस पार्ले की मौजूदगी में राफेल इंडियन एयरफोर्स में शामिल

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोंरेस पार्ले की मौजूदगी में राफेल इंडियन एयरफोर्स में शामिल - Panchayat Times
RM Rajnath Sigh with his French counterpart Florence Parly in Ambala

नई दिल्ली. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोंरेस पार्ले की मौजूदगी में अंबाला एयरबेस पर सर्व धर्म पूजा के बाद राफेल लड़ाकू विमानों को इंडियन एयरफोर्स में शामिल किया गया.

सीमाओं पर जिस तरह का माहौल बना है या बनाया या है उसे देखते हुए राफेल का इंडक्शन काफी अहम

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लड़ाकू विमान राफेल के भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल होने के साथ ही चीन को कड़ा संदेश भी दे दिया. राजनाथ ने कहा कि सीमाओं पर जिस तरह का माहौल बना है या बनाया या है उसे देखते हुए राफेल का इंडक्शन काफी अहम है. उन्होंने कहा कि राफेल गेम चेंजर है और मल्टी रोल कैपिसिटी के साथ दुश्मनों को सबक सिखाने में सक्षम है.

17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन में शामिल हुए राफेल

अम्बाला स्थित 17 गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन में औपचारिक एंट्री के बाद राफेल फाइटर जेट की उपस्थिति इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है. 17 साल बाद देश का कोई रक्षा मंत्री अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन पर किसी बड़े समारोह में शामिल हुआ है.

इससे पहले अगस्त 2003 में अटल बिहारी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस ने 73 की उम्र में अम्बाला से मिग-21 बाइसन में उड़ान भरी थी.

फ्रांस के साथ राफेल की डील और भारत में डिलीवरी

भारत ने फ्रांस के साथ साल 2016 में 58 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल फाईटर जेट की डील की थी. इनमें से 30 फाइटर जेट्स होंगे और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट होंगे. ट्रेनर जेट्स टू सीटर होंगे और इनमें भी फाइटर जेट्स जैसे सभी फीचर होंगे.

भारत को जुलाई के आखिर में 5 राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला. 27 जुलाई को 7 भारतीय पायलट ने राफेल लेकर फ्रांस से उड़ान भरी थी और 7,000 किमी का सफर तय कर 29 जुलाई को भारत पहुंचे थे.

अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों से लैस

राफेल अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों से लैस हैं. सबसे खास है दुनिया की सबसे घातक समझे जाने वाली हवा से हवा में मार करने वाली मेटयोर (METEOR) मिसाइल. ये मिसाइल चीन तो क्या किसी भी एशियाई देश के पास नहीं है. यानी राफेल प्लेन वाकई दक्षिण-एशिया में गेम-चेंजर साबित हो सकता है.

जानकारी के मुताबिक, बियोंड विज्युल रेंज ‘मेटयोर’ मिसाइल की रेंज करीब 150 किलोमीटर है. हवा से हवा में मार करने वाली ये मिसाइल दुनिया की सबसे घातक हथियारों में गिनी जाती है. इसके अलावा राफेल फाइटर जेट लंबी दूरी की हवा से सतह में मार करने वाली स्कैल्प क्रूज मिसाइल और हवा से हवा में मार करने वाली माइका मिसाइल से भी लैस है.