रघुवर दास ने जब सुनी एक मां की फरियाद…

रघुवर दास से एक मां ने अपने बेटे को आर्थिक सहायता करने की गुहार लगाई

रांची/पाकुड़. जनचौपाल में मुख्यमंत्री रघुवर दास से एक मां ने अपने बेटे को आर्थिक सहायता करने की गुहार लगाई. इस पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उसे भी 10 हजार रुपये देने का निदेश दिया. यह मौका था आज सोमवार को पाकुड़ जिले के महेशपुर के मुर्गा डांगा गांव में आयोजित जनचौपाल का.

इसके बाद एक युवती ने कहा, मुख्यमंत्री जी मेरी आंख का इलाज संभव नहीं है. बहुत पीड़ा होती है. आप कुछ करिये. मुख्यमंत्री से यह कहते-कहते 18 साल की युवती की आंखें नम हो गई. इस सीएम ने कहा कि बेटी क्या इसका इलाज कहीं और नहीं हो सकता. इस पर उस युवती ने कहा, नहीं सर. फिर सीएम ने पूछा, क्या तुम पढ़ाई करती हो. अगर करती हो तो मन लगा कर पढ़ो. कोई दिक्कत हो तो मुझसे या पाकुड़ के उपायुक्त से संपर्क करो. तुम्हारी पढ़ाई में हर संभव सहायता करूंगा. यह सुनते ही मानो उस युवती के सपनों को मानो पंख लग गए. उस समय उसका भरोसा मुख्यमंत्री पर और बढ़ गया जब मुख्यमंत्री रघुवर दास ने तत्काल पाकुड़ के उपायुक्त को 10 हजार रुपये देने का निदेश दिया.

रघुवर दास से एक मां ने अपने बेटे को आर्थिक सहायता करने की गुहार लगाई

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अधिकारी को बुलाया गया

जनचौपाल के दौरान एक महिला ने कहा कि एक साल पहले गाय पालन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अबतक नहीं मिला. इस पर मुख्यमंत्री ने गव्य विकास विभाग के अधिकारियों को खोजना शुरू किया, लेकिन अधिकारी वहां मौजूद नहीं थे. अंततः माइक से अनाउंसमेंट कर उन्हें बुलाया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द अनुदान की राशि सरकार से मिलेगी. आप महिला को योजना से आच्छादित करें.

महेशपुर हाथीमारा पथ का होगा निर्माण

जनचौपाल में एक युवक ने मुख्यमंत्री रघुवर दास से कहा कि हाथीमारा-महेशपुर पथ की स्थिति बहुत ही खराब है. आप उसे बनवा दें. इस पर मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण की प्रक्रिया पूरी करने का निदेश दिया.

पानी की समस्या का होगा निदान

एक महिला ने मुख्यमंत्री से जनचौपाल में बताया कि उसके गांव में चार बोरिंग है. वहां भरपूर पानी है. उस पानी को स्टोर करने की जरूरत है. इस पर मुख्यमंत्री ने वहां जलाशय निर्माण करने का निदेश दिया. जबकि एक महिला ने गांव में पानी नहीं होने की बात कही. इस पर मुख्यमंत्री ने उसे बताया कि 2019-20 के बजट में संथाल परगना में पानी उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहल होगी. पानी की समस्या वाले गांव में डीप बोरिंग और पानी टंकी का निर्माण कर इस समस्या का निदान किया जाएगा.