रघुवर दास की नजर 28 अनुसूचित विधानसभा सीटों पर

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का कहना है कि कांग्रेस के...Panchayat Times
साभार : ऑफिसियल फेसबुक रघुवर दास

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में 28 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. इनमें से हमें कम से कम 22 सीटें जीतनी है. तभी हम पूरे प्रदेश में 65 सीटें जीतने का लक्ष्य पा सकेंगे. मुख्यमंत्री ने शनिवार को यहां भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की बैठक में कहा कि हाल ही में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव में केंद्र और राज्य सरकार गरीबों और आदिवासियों के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही हैं. सभी कार्यकर्त्ताओं को जन-जन तक यह बात पहुंचानी है. गरीब आदिवासी की जमीन लूटने वाले भाजपा सरकार के आने पर जमीन छिन जाने का भ्रम फैलाते रहे हैं. हमें लोगों तक उनकी सच्चाई पहुंचानी है. उन्होंने कहा कि लोगों को बताना है कि पिछले साढ़े चार साल में किसी की भी जमीन नहीं छिनी गयी है, बल्कि हम पर आरोप लगाने वाला सोरेन परिवार आज गरीब आदिवासी की जमीनें खरीद कर जमींदार बन गया है. कुछ राष्ट्र विरोधी संगठन भी लोगों के बीच भ्रम और डर फैला रहे हैं और खुद स्कूल, कॉलेज, अस्पताल व धार्मिक स्थलों के लिए गरीबों की जमीन ले ले रहे हैं. हमें उन्हें बेनकाब करना है.

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दास ने कहा कि आदिवासी समाज भोला-भाला है. झारखंड नामधारी पार्टी और राष्ट्र विरोध संगठन उन्हें बरगला रहे हैं. वे नहीं चाहते हैं कि गरीब-आदिवासी का विकास हो. उनके बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ें. वे भी आइएएस-आइपीएस बनें. इसलिए वे गरीब आदिवासियों को पढ़ना नहीं देना चाहते हैं. वे नहीं चाहते कि उनके घर में बिजली, गांव में पक्की सड़क, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल खुले. अपने बच्चों को वे महंगे और अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं. हमारी सरकार का संकल्प है कि हमारा गरीब-आदिवासी की जिंदगी में बदलाव आये. भाजपा कार्यकर्ता उन गरीब आदिवासी तक जायें. उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिलायें और दूसरे दलों व संगठनों की सच्चाई भी बतायें. अपने गांव के युवाओं व महिलाओं को जोड़ें. उन्हें सच्चाई बतायें. यह बहुत बड़ा काम है. इसके लिए हमें जी-जान से लगना होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने कहा कि झारखंड उनकी लाश पर बनेगा, झामुमो उन्हीं के साथ गठबंधन कर रहा है. इसी से झामुमो की राजनीति समझ में आ जाती है. वे किसी भी कीमत पर सत्ता चाहते हैं. वे राज्य के विकास के विरोधी हैं. कांग्रेस 60 साल तक सत्ता में रही, लेकिन गरीब और आदिवासी के नाम पर केवल राजनीति की. उनका विकास नहीं किया. झामुमो भी लगातार केंद्र सरकार के साथ रहा, लेकिन उसने भी केवल अपनी जेब भरी. आदिवासियों का भला नहीं किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव-गांव तक भाजपा का संगठन पहुंचाना है. 15 जुलाई तक पंचायत समिति बनायें. केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लाभुकों को इनसे जोड़ें. समिति के माध्यम से गरीबों की योजनाओं को अंतिम पायदान पर बैठे लोगों तक पहुंचायी जायेगी. जो लोग छूट गये हैं, उन्हें लाभ पहुंचाया जायेगा. उन्हें दुमका लोकसभा में जीत के लिए सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि 40 वर्षों से बाप-बेटे की राजनीति को समाप्त कर दिया. लोगों ने यह बता दिया कि वे अब केवल विकास की राजनीति चलेगी.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  लक्ष्मण गिलुआ ने कहा कि आदिवासी समाज को गुमराह किया जाता रहा है. हमें उन्हें गुमराह होने से बचाना है. संगठन महामंत्री  धर्मपाल सिंह  ने कहा कि भाजपा 65 का लक्ष्य पा सकती है. कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में कर दिखाया है. विधानसभा में भी यह लक्ष्य पाया जा सकता है. बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष  रामकुमार पाहन, सासंद  समीर उरांव समेत बड़ी संख्या में विधायक, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.