2020 में धालभूमगढ़ एयरपोर्ट से भर सकेंगे उड़ान : रघुवर दास

रघुवर दास ने कहा कि 30 हवाईजहाज देश के अन्य राज्यों के लिये भगवान बिरसा मुंडा...

रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि 30 हवाईजहाज देश के अन्य राज्यों के लिये भगवान बिरसा मुंडा की धरती से प्रतिदिन उड़ान भर रहे हैं. पिछले वर्ष 2018 में लगभग साढ़े 25 लाख यात्रियों ने हवाई जहाज से यात्रा की. यह चार साल की उपलब्धि है यानि झारखंड के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ रही है. मुख्यमंत्री दास पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ में एयरपोर्ट के विकास के लिए भूमि पूजन समारोह में बोल रहे थे. इस मौके पर एयरपोर्ट के विकास के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी किये गये.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 दिसंबर 2014 के पहले झारखंड में प्रतिदिन 1500 लोग हवाई यात्रा करते थे और सिर्फ 8 हवाई जहाज प्रतिदिन चलते थे. एक साल में लगभग 1,50,000 यात्री ही हवाई जहाज से यात्रा करते थे. उन्होंने कहा कि चार सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन काल में आज औसतन 60,000 यात्री प्रतिदिन हवाई यात्रा कर रहे हैं और इसी कारण से उड़ान योजना के तहत दुमका, पलामू, हजारीबाग, मेदिनीनगर और बोकारो में काफी काम हो रहे हैं. बहुत जल्दी इन क्षेत्रों में उड़ान के माध्यम से कनेक्टिविटी प्राप्त होगी. उन्होंने कहा कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के लिए आज भूमि पूजन हुआ है, डेढ़ साल के अंदर यह कार्य पूर्ण हो जाएगा और यहां से भी हवाई यात्रा प्रारंभ हो जायेगी.

रघुवर दास ने कहा कि 30 हवाईजहाज देश के अन्य राज्यों के लिये भगवान बिरसा मुंडा...

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धालभूमगढ़ ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड तीन राज्यों के मिलन बिंदु पर स्थित है. निश्चित रूप से आने वाले समय में यह हवाई अड्डा देश का कॉमर्शियल हवाई अड्डा बनेगा. इस को ध्यान में रखकर प्रथम चरण में यह कार्य शुरू हो रहा है. दूसरे चरण के लिए भी जिले के उपायुक्त को निर्देश दिया गया है. आने वाले वर्षों में यहां से बोइंग बस विमान भी उड़ान भरेंगे. उन्होंने कहा कि दूसरे चरण के लिए 55 एकड़ जमीन की आवश्यकता है. मैं आसपास की जनता से अनुरोध करूंगा कि 55 एकड़ जमीन जो देंगे उन्हें बाजार मूल्य का चार गुना पैसा सरकार देगी. इसके साथ ही जमीन भी देंगे ताकि अपना घर बना सकेंगे. व्यापार और खेती भी कर सकेंगे.

सीएम दास ने कहा कि ऐसा हमने देवघर में किया है. प्रधानमंत्री के हाथों पिछले वर्ष धनबाद में देवघर में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का शुभारंभ किया गया. वहां 600 परिवारों को विस्थापन करने का काम किया, लेकिन साथ-साथ पुनर्वास भी किया. उन्होंने कहा कि सारे लोगों को जमीन दी गई. गरीब जहां दो तल्ले घर बना रहे हैं तो वहीं बहनें फूलों की खेती कर रही हैं जिन की खपत बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापन हमारी सरकार में नहीं होगा. पहले पुनर्वास होगा, फिर विस्थापन का काम होगा. इसलिए इस दिशा में जिला प्रशासन, जिला परिषद की अध्यक्ष, सांसद और यहां की स्थानीय जनता आम सभा करके निर्णय लें. क्षेत्र का कई गुना विकास होगा. एयरपोर्ट और उड्डयन क्षेत्र में रोजगार के नए आयाम खुलेंगे. आसपास के गांव के युवक-युवतियों को प्रशिक्षण देकर इस क्षेत्र में रोजगार के लिए स्थानीय लोगों को ही प्राथमिकता मिलेगी ताकि धालभूमगढ़ के युवक-युवतियों को यहां से पलायन नहीं करना पड़े.

चाईबासा की धरती से मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का शुभारंभ किया क्योंकि जिस प्रकार भ्रूण हत्या का व्यापार पूरे देश में होता था, लिंगानुपात असंगत हो रहा था. इसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया. राज्य सरकार ने आज चाईबासा की धरती से मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत की है. इसके तहत जन्म से लेकर पढ़ाई-लिखाई और शादी तक का सहारा बनने के लिए सरकार तैयार है.

रघुवर दास ने कहा कि 30 हवाईजहाज देश के अन्य राज्यों के लिये भगवान बिरसा मुंडा...

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत राज्य भर में 27 लाख परिवार इस योजना से लाभ पाएंगे. जैसे ही बच्ची जन्म लेगी मां के अकाउंट में पांच हजार रुपये जाएंगे. कक्षा एक में पुनः पांच हजार, पांचवी कक्षा में फिर पांच हजार, आठवीं कक्षा में पांच हजार और 10 वीं कक्षा में जाने पर पांच हजार, 12वीं कक्षा में 10 हजार रुपये जाएंगे. विवाह के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से 30 हजार रुपये सरकार देगी. आठवीं, नवमी में जो बच्ची ड्रॉपआउट होती हैं और कम उम्र में बच्चियों का विवाह हो जाता है इसके कारण महिलायें असमय काल कवलित हो जाती हैं और पूरा परिवार असहाय हो जाता है. मातृत्व मृत्यु दर के कलंक को दूर करने के लिए भी इस योजना की शुरुआत की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी गांव के स्कूलों में आज बेंच, डेस्क, बिजली, शौचालय की सुविधा प्राप्त हो गई है. इसके पीछे सरकार का उद्देश्य है कि गरीब के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा दीक्षा मिलनी चाहिए. बच्चों को कंप्यूटर आधारित शिक्षा भी दी जा रही है क्योंकि हम ज्ञान आधारित युग में जी रहे हैं. समाज के साथ चलने के लिए अपने बच्चे बच्चियों को कंप्यूटर की शिक्षा देना हमारी प्राथमिकता है.

अन्नदाता किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना

अन्नदाता किसानों को मजबूती से अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत की गई है. इसके तहत प्रत्येक साल प्रत्येक एक एकड़ जमीन पर पांच हजार रुपये झारखंड सरकार की ओर से दिये जाएंगे. 22 लाख किसानों के खातों में भी जमीन के अनुरूप सीधे पैसे जाएंगे. कोई बिचौलिया नहीं है. किसानों को अपने पैरों पर खड़ा करने का सरकार का लक्ष्य है.