रघुवर सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में फिसड्डी : झारखंड विकास मोर्चा

झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि झारखण्ड जैक के परीक्षा
प्रतीक चित्र

रांची. झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि झारखण्ड जैक के परीक्षा के इंटरमीडिएट साइंस का परिणाम यह साबित करता है कि सरकारी स्कूल में गुणवत्ता के मामले में रघुवर सरकार पूरी तरह फिसड्डी है. उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट साइंस में 51.65% बच्चों का फेल होना राज्य में सरकारी शिक्षा के प्रति सरकार की उदासीनता को बताता है.

झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि झारखण्ड जैक के परीक्षा
झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता योगेंद्र प्रताप सिंह

योगेंद्र ने कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि राज्य के बच्चे फेल नहीं हुए बल्कि रघुवर सरकार सभी मोर्चे पर फेल साबित हो चुकी है. पिछले 3 वर्षों से परिणाम में लगातार गिरावट आ रही है. रघुवर सरकार शिक्षा में सुधार को लेकर सिर्फ ढोल पीट रही है. उन्होंने कहा कि दरअसल सरकारी विद्यालयों के प्रति सरकार का रवैया शुरू से ही उदासीन रहा है. झारखंड में लगभग 12470 सरकारी विद्यालयों का मर्ज करना इसी कड़ी का हिस्सा है. स्कूल के विलय होने के बाद कई स्थानों पर बच्चों को शिक्षा से वंचित होना पड़ेगा. इसमें से सैकड़ों आदिवासी बहुल क्षेत्र के लोग प्रभावित होंगे.

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प्रवक्ता ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की घोर कमी है. इस दिशा में सरकार गंभीर प्रयास करती नहीं दिखती. उन्होंने कहा कि यह बताया जा रहा है कि झारखंड में लगभग 73790 शिक्षक के पद रिक्त हैं. वहीं, पारा शिक्षक कम मानदेय पर काम करते हैं और ऊपर से उन्हें चार-चार माह से मानदेय तक नसीब नहीं होता है. आर्थिक तंगी के कारण पारा शिक्षक मौत को गले लगाने को विवश है. उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार केवल कॉर्पोरेट घरानों की शुभ चिंतक हैं. आम लोगों से इन्हें कोई सरोकार नजर नहीं आ रहा है.