सीएम रघुवर दास ने मलय और अन्नराज जलाशय के कार्य का किया आॅनलाइन शिलान्यास

रांची. झारखण्ड मंत्रालय के सभागार में पलामू जिले की मलय जलाशय योजना और गढ़वा जिले की अन्नराज जलाशय योजना की सिंचाई क्षमता को पुनर्बहाल करने और नहर प्रणाली का पुनरूद्धार एवं लाईनिंग कार्य का आॅनलाइन शिलान्यास राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को किया.
इस ऑनलाइन शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. हर खेत में पानी पहुंचे और किसान की आय में दोगुणी वृद्धि हो इस लिए  राज्य सरकार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है. गांव, गरीब और किसान का समग्र विकास ही सरकार का लक्ष्य है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मलय जलाशय योजना के पुनर्बहाल होने से पलामू जिला के सतबरवा प्रखण्ड के 27 गांव, मेदिनीनगर प्रखण्ड के 42 गांव एवं लेस्लीगंज प्रखण्ड के 36 गांव लाभान्वित होंगे. 63 हजार अनुसूचित जाति एवं जनजाति की आबादी सहित 1 लाख 55 हजार लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा.
उन्होंने कहा कि इस पुनरूद्धार कार्य में मलय मुख्य नहर के 5.34 कि.मी. से 40.839 कि.मी. तक लेस्लीगंज शाखा नहर के 30.506 कि.मी. तक पुनर्स्थापन एवं लाईनिंग कार्य किया जाएगा. डैम की मरम्मति और अन्य क्षतिग्रस्त संरचनाओं का पुनरूद्धार कार्य कराया जाएगा.
सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी
साथ ही अन्नराज जलाशय योजना के पुनरूद्धार होने से गढ़वा जिले के 42 गांवों के 4632 हेक्टयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी. परियोजना के पूर्ण होने पर कितासोती कला, कितासोती खुर्द, बालीगढ़, चेरीपोखर, बेलहारा, खोन्हर, गिजना, करूआ कला, करूआ, करूआ खुर्द, बनपुरवा, रंका, डुमरिया, तिलदाग, तिवारी मरहटिया, दूबे मरहटिया आदि गांव के लोग लाभान्वित होंगे. उन्होंने कहा कि अन्नराज जलाशय योजना का पुनरूद्धार एवं क्षतिग्रस्त नहर का लाइनिंग कार्य 84.68 करोड़ रूपये की लागत से राज्य सरकार द्वारा शुरू कराया जा रहा है.
पुल का निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना में अन्नराज मुख्य नहर के 14.812 कि.मी. एवं आद्रा मुख्य नहर के 12.00 कि.मी. तक पुनरूद्धार एवं लाइनिंग कार्य करते हुए योजना के हेड रेगुलेटर, सी.डी. संरचना, आउटलेट तथा बीच में अवस्थित पुल का निर्माण और मरम्मत किया जाएगा.  पलामू और गढ़वा जिले के साथ-साथ पूरे राज्य में सिंचाई योजनाओं का तीव्र विकास करना सरकार की प्राथमिकता है. इस लिए पूरे झारखण्ड में पूर्व निर्मित सिंचाई योजनाओं की खोई सिंचाई क्षमता को पुनर्बहाल करने के लिए पूर्व में 15 सिंचाई योजनाओं के पुनरूद्धार का कार्य 637 करोड़ रूपये की लागत से स्वीकृत किया गया है.
सिंचाई क्षमता पुनर्बहाल की जाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में 22 सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति प्रदान कर इनका कार्य भी प्रारम्भ किया जाएगा. इन 22 योजनाओं को 414 करोड़ रूपये की लागत राशि से पूरी की जाएगी, इससे 23520 हेक्टयर सिंचाई क्षमता पुनर्बहाल किया जा सकेगा.
राज्य में लघु सिंचाई प्रक्षेत्र में चेकडैम की 495 योजनाओं का कार्य पूर्ण करा लिया गया है। 812 चेकडैम का कार्य 2018-19 में पूर्ण कराने का लक्ष्य है. इस लक्ष्य को प्राप्त कर 70688 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का सृजन किया जा सकेगा. इसके अलावे 134 पुनर्स्थापन योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है. 431 पुनर्स्थापन योजनाओं का कार्य इस वर्ष पूरी कर ली जाएगी. इस कार्य पूर्ण होने से 31182 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता पुर्नस्थापित किया जा सकेगा.
आॅनलाईन शिलान्यास के अवसर पर वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से पलामू सांसद बी.डी.राम और स्थानीय विधायक  आलोक चौरसिया ने मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास को बधाई और धन्यवाद दिया.
आॅनलाईन शिलान्यास के अवसर पर मुख्य सचिव  सुधीर त्रिपाठी, अपर मुख्य सचिव  डी.के.तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डाॅ. सुनील कुमार वर्णवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.